ईदी ने अपने शासनकाल में 6 लाख लोगों की कराई थी हत्या, फ्रिज से मिले थे इंसानों के अंग

ईदी ने अपने शासनकाल में 6 लाख लोगों की कराई थी हत्या, फ्रिज से मिले थे इंसानों के अंग

Sunil Chaurasia | Publish: Sep, 07 2018 05:04:28 PM (IST) अजब गजब

ईदी पद के मुताबिक तो देश के राष्ट्रपति था, लेकिन उनके काम किसी अत्याचारी क्रूर शासक से कम नहीं था।

नई दिल्ली। आज से कई सालों पहले दुनिया में लोकतंत्र का नामों-निशान नहीं था। उस वक्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में राजा-महाराजा और शासकों के हाथ में ही सत्ता की चाबी हुआ करती थी। लेकिन आज के समय में भी कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां लोकतंत्र के साथ-साथ राजा की सत्ता भी चलती है। आज हम आपको 70 के दशक के एक शासक की कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। साल 1971 से 1979 तक यूगांडा के राष्ट्रपति रहे जनरल ईदी अमीन (General Idi Amin) ने देश भर में जमकर अत्याचार किया।

ईदी पद के मुताबिक तो देश के राष्ट्रपति था, लेकिन उनके काम किसी अत्याचारी क्रूर शासक से कम नहीं था। जनरल ईदी अमीन को विश्वभर में यूगांडा के राष्ट्रपति के रूप में कम और एक क्रूर तानाशाह रूप में ज़्यादा जाना जाता है। ईदी मूल रूप से इस्लाम धर्म से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उनके काम और अत्याचार से ऐसा बिल्कुल नहीं लगता था कि वे एक इस्लाम धर्म को मानते हैं। ईदी के बारे में कहा जाता है कि उसने अपने आठ साल के शासनकाल में 6 लाख से ज़्यादा लोगों की हत्या कराई थी। आठ साल के शासनकाल में इतनी हत्याओं का मतलब ये था कि ईदी हर दिन औसतन 205 लोगों की हत्या करता या कराता था। इतना ही नहीं ईदी किसी आदमखोर से कम नहीं था, वह इंसान का मांस भी खा जाता था।

एक हिंदी वेबसाइट के मुताबिक ईदी के फ्रिज में इंसान के कई अंग जैसे- सिर, हाथ आदि अंग पाए गए थे। लेकिन कभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। हालांकि इसकी कभी पुष्टि नहीं हुई। लीबिया के पूर्व प्रधानमंत्री गद्दाफी के एक निर्देश पर ईदी ने यूगांडा में रह रहे 80 हजार से ज़्यादा एशियाई नागरिकों की संपत्ति पर कब्ज़ा करके उन्हें देश से खदेड़ दिया था। ईदी के इस क्रूर रवैये की वजह से ही उस समय भारत ने यूगांडा से अपने सभी प्रकार के रिश्तों को खत्म कर दिया था।

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