1976 में हो गई थी महिला की मौत, 2018 में ज़िंदा होकर वापस लौटी..सच जान पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

1976 में हो गई थी महिला की मौत, 2018 में ज़िंदा होकर वापस लौटी..सच जान पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

Sunil Chaurasia | Publish: Sep, 16 2018 02:39:16 PM (IST) अजब गजब

इस मामले में प्रभारी अधिकारी ने जांच के लिए बिलरियागंज बीडीओ को अधिकार दिए।

नई दिल्ली। क्या इस बात पर यकीन करेंगे कि एक महिला जिसकी 1976 में ही मौत हो गई थी, अब वह दोबारा ज़िंदा हो गई है। जी हां, ये बात आपको सिर से लेकर पैर तक हिलाकर रख सकती है। लेकिन हमारे सिस्टम ने ऐसा कर दिखाया है। पूरा मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का है। यहां रहने वाली एक 92 साल की महिला को सरकारी दस्तावेज़ों में 8 जुलाई, 1976 को ही मृत घोषित कर दिया और महिला को इस फर्ज़ीवाड़े की सूचना भी नहीं मिली। आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भवनपुर की रहने वाली महिला ने अब जाकर इस मामले में सगड़ी तहसील में शिकायत दर्ज करा दी है।

पीड़ित महिला का नाम बंशराजी है, जो अभी अपने भतीजे रामकोमल के साथ रहती हैं। जहां एक ओर सरकारी दस्तावेज़ों में महिला को मृत दिखाया गया है, तो वहीं दूसरी ओर महिला के नाम का आधार कार्ड भी बना हुआ है। इस पूरे फर्ज़ीवाड़े में ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही की बू आ रही है, जिसने बिना कोई जांच-पड़ताल किए ही महिला को मृत घोषित कर दिया।

दरअसल इस मामले में प्रभारी अधिकारी ने जांच के लिए बिलरियागंज बीडीओ को अधिकार दिए। बीडीओ ने इस काम की जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह को सौंप दी। लेकिन सत्य प्रकाश ने बारीकी से जांच करना तो दूर, साधारण जांच भी नहीं की। सत्य प्रकाश ने महिला के परिजनों से बातचीत करने के बजाए ग्राम प्रधान के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर दी, जिसमें उसने बंशराजी पत्नी स्व. बोधन को 8 जुलाई, 1976 की तारीख पर मृत बता दिया।

महिला ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं और तीनों ही शादीशुदा है। महिला ने कहा कि यदि किसी को कोई शक है तो वे उनका डीएनए टेस्ट भी करा सकता है। पूरे मामले पर खुद को फंसता देख जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने महिला के मृत्यु प्रमाण-पत्र के साथ-साथ शवदाह प्रमाण-पत्र का हवाला दिया है। महिला ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण-पत्र नहीं दिया जा रहा है। महिला ने सत्य प्रकाश पर सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने पद का नाजायज़ फायदा उठाते हुए उन्हें सरकारी कागजातों में मृत दिखा दिया।

फिलहाल ये पूरा मामला अब बिलरियागंज बीडीओ तक पहुंच चुका है। बीडीओ ने कहा है कि अब वे इस मामले की बारीकी से जांच करेंगे। बीडीओ ने इस मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी बात कही है।

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