बचपन में खो दिया पैर, लंगड़ी बुलाने वालों का दिया मुंहतोड़ जवाब, आज है बॉडी बिल्डिंग

Gui Yuna की उम्र 35 वर्ष है। वो चीन की रहने वाली दिव्यांग हैं।
उनका एक पैर है ही नहीं। बावजूद इसके वो बॉडीबिल्डिंग करती हैं।

By: Shaitan Prajapat

Published: 10 Jan 2021, 09:36 AM IST

नई दिल्ली। कहते है ना कि अगर इंसान में अंदर इरादे बुलंद हो तो उसके सामने कुछ भी असंभव नहीं है। अपने मजबूत इरादों से वह किसी भी मुश्किल से पार पा सकता है। अकसर देखा जाता है कि बहुत सारे लोग छोटी छोटी मुसीबतों से घबरा जाते है। ऐसे लोग अपने जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकते है। आज आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है जिसने अपने जज्बा से सभी को चौंका दिया। दरअसल, स्कूल से घर आते समय एक एक्सीडेंट हो गया जिसमें उसका एक पैर खो गया। लोगों ने उसे लंगड़ी बोलकर खूब चिढ़ाया लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। आज वह बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में धमाल मचा रही है।

7 साल की उम्र में खो दिया था पैर
हम बात कर रहे है चीन में रहने वाली Gui Yuna की। गुई ने सात साल की उम्र में अपने पैर खो दिए थे। स्कूल में सभी उसे लंगड़ी बोलकर चिढ़ाते थे। पहले तो इससे आहत होकर गुई रोती थी। लेकिन बाद में उसने इसे अपनी ताकत बनाने का फैसला किया। आज गुई एक पैर के साथ ही पैराऑलम्पिक्स से लेकर बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में धमाल मचा रही हैं। उनकी मां ने ही उन्हें पाला है। पिता का देहांत उनके पैदा होने से पहले ही हो गया था।

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स्कूलमेट्स कुर्सी से गिरा देते थे
अपनी जीत के बाद वह भावुक हो गई थी। उन्होंने आंखों में आंसू लेकर बताया कि कैसे उन्होंने सात साल की उम्र में अपने पैर गंवा दिया था। इसके बाद उसके स्कूलमेट्स उसे लंगड़ी बुलाने लगे थे। कई बार उसे कुर्सी से नीचे गिरा दिया जाता था। गुई ने साल 2004 में एथेंस पैराओलंपिक्स में हिस्सा लिया था। अब उन्होंने वेट लिफ्टिंग में हाथ आजमाया है और पहली ही बार में उन्होंने जीत दर्ज कर ली। 11 दिसंबर 2020 को उन्होंने बीजिंग के इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।

आज है इंस्पिरेशनल स्टोरी
इसमें जीत हासिल करते ही गुई ने ना सिर्फ खिताब बल्कि लोगों का दिल भी जीत लिया। उनकी इंस्पिरेशनल स्टोरी सोशल मीडिया पर छा गई है। गुई प्रतियोगिता में एक पैर में हील सैंडल और बिकिनी पहन हिस्सा लिया। उनके कॉन्फिडेंस ने लोगों का दिल ही जीत लिया। अपनी जीत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वो अपने मसल्स की वजह से नहीं बल्कि अपने कॉन्फिडेंस की वजह से जीती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हार मान लेने से कभी आप आगे नहीं बढ़ पाते।

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