खूनी टेलीफोन में बना था स्वास्तिक का निशान, हिटलर से जुड़े हैं तार

  • Hitler's Bloody Telephone : लाल रंग के इस टेलीफोन के जरिए लोगों को मारने का दिया जाता था अदेश
  • साल 2017 में हुई टेलीफोन की नीलामी, 2 करोड़ रुपए में खरीदा गया

By: Soma Roy

Published: 01 Mar 2020, 02:57 PM IST

नई दिल्ली। तानशाह हिटलर (Dectator Hitler) को भला कौन नहीं जानता होगा। सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारने वाला नाजी हिटलर अपने साथ हमेशा एक लाल फोन रखता था। इसी के जरिए वो अपनी सेना को जंग का आदेश देता था। टेलीफोन से हिटलर को इतना लगाव था कि वो सोते वक्त भी इसे अपने साथ रखता था, लेकिन क्या आपको पता है इस खूनी टेलीफोन पर स्वास्तिक का भी निशान बना था।

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हिंदू धर्म में स्वास्तिक (Swastika Symbol) जहां शुभ कार्यों का प्रतीक है। वहीं हिटलर के लिए ये महज एक चिन्ह् था। जिसका इस्तेमाल उसने अपना अलग वजूद कायम करने के लिए अपनाया था। तभी वहां के झंडे से लेकर सेना के कपड़ों तक में स्वास्तिक का निशान देखने को मिलेगा। हिटलर का ये पसंदीदा टेलीफोन (telephone) देखने में जितना खूबसूरत था, उतना ही खतरनाक भी। बताया जाता है कि पहले इसका रंग काला था। मगर तानाशाह हिलटर ने इसका रंग बदलकर लाल करवा दिया था। क्योंकि वो इस टेलीफोन को लोगों के खून से रंगना चाहता था।

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जानकारों के मुताबिक 40 के दशक में इसी फोन से हिटलर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपने नाजी सैनिकों को लोगों को बंधक बनाने का आदेश देता था। इसी के बाद लोगों को गोली मारकर या गैस चेंबर में जलाकर मौत के घाट उतार दिया जाता था। बताया जाता है कि हिटलर के इस टेलीफोन को दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद साल 1945 में बंकर से बरामद किया गया था। इसकी नीलामी के लिए साल 2017 तक इस फोन को एक बक्से में संभालकर रखा गया था। साल 2017 में अमेरिका में हुए इस फोन की नीलामी में यह करीब दो करोड़ रुपये में बिका था। हालांकि यह फोन किसने खरीदा था, इस बात का खुलासा नहीं किया गया है।

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