कोरोना वॉरियर्स के लिए खास मुहिम, प्रेम की गर्माहट लिए खूबसूरत रजाइयां

2020 से अब तक कोरोना वायरस से जंग जारी है। हमारे कोरोना वॉरियर्स जान हथेली पर रखकर हालात को काबू करने में लगे रहे। उन्हीं के लिए है यह खास मुहिम।

 

नई दिल्ली। रंग-बिरंगे खूबसूरत लिहाफ और रजाइयां सिलने को हमारे देश में सिर्फ नानी-दादी का काम समझा जाता है। उसी हुनर को सीखने और सिखाने के लिए अमरीका में बाकायदा कक्षाएं आयोजित होती हैं। लाइब्रेरी में भी बुनाई-सिलाई के लिए लोग मिलते हैं। वहां गईं तरुणा को भी यह कारीगरी बहुत पसंद आई। उन्होंने वहां के लोगों की देखा-देखी पैचवर्क क्विल्ट बनाना सीखा। जब वे वापस भारत लौटीं तो उन्होंने रजाई के बलबूते यहां एक आंदोलन की शुरुआत की।

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पिछले साल से लेकर आज तक लगातार कोरोना वायरस की त्रासदी भरे दिनों में हर मोर्चे पर डटे रहे जांबाजों को समर्पित है तरुणा गंडोत्रा सेठी का इंडियाज करूणा क्विल्ट मूवमेंट। इसके जरिए उन तमाम जांबाजों में प्रेम की गर्माहट से भरी पैचवर्क की रजाइयां बांटी जा रही हैं। इस मूवमेंट के तहत कोरोना वॉरियर्स को इस साल 15 अगस्त तक 1,000 रजाई बांटने का लक्ष्य है।

भारत में पहली बार

यह मूवमेंट बेहद नया और अनूठा-सा है। इसका उद्देश्य यह है कि हाथों से तैयार की गई इन रजाइयों में लिपटकर देश के लोगों का प्रेम अपने कोरोना वॉरियर्स तक पहुंचे। इससे वे इस बात का अहसास कर सकेंगे कि हर भारतीय उनके इस प्रयास के साथ जुड़ा हुआ है। विदेशों में इस तरह के मूवमेंट नए नहीं है। वहां जब कोई प्राकृतिक त्रासदी की स्थिति आती है तो इस तरह के मूवमेंट में आमजन बढ़-चढक़र अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। मगर भारत में यह संभवत: पहला मौका है।

रोजगार के अवसर

तरुणा इसके जरिए कहीं न कहीं कुछ ऐसे लोगों को रोजगार के मौके भी उपलब्ध करवा रही हैं जिनके रोजगार कोरोना की वजह से छिन गए थे। बिहार के एक छोटे-से गांव में उनकी टीम काम कर रही है। इन लोगों ने कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली। बस, सीखने और काम करने की चाह थी। वे कहती हैं कि सच है कि यह समय बुरा है। हमें इसे एक चुनौती के तौर पर देखना होगा। यह तो समय है गुजर ही जाएगा लेकिन हमने मानवता के लिए क्या किया और कैसे किया यह याद रखा जाएगा।

गिना जाए हर योगदान

तरुणा के मुताबिक कोरोना वॉरियर का मतलब सिर्फ डॉक्टर, नर्स या पुलिस नहीं समझा जाना चाहिए। वे लोग भी इसमें शामिल होंगे जिनका योगदान दिखने में भले ही छोटा हो लेकिन, नजरअंदाज कतई नहीं किया जा सकता। जैसे कि डॉक्टर्स के ड्राइवर, क्लीनिंग स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर नर्सिंग स्टाफ आदि। उन्हें भी अहसास हो हम उनके साथ हैं।

सिंपली ब्यूटीफुल

वे कहती हैं कि उन्होंने सिंपल पैचवर्क क्विल्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए ‘सिंपली ब्यूटीफुल ऑलवेज’ नाम से कारोबार शुरू किया। आज टीम में 22 कारीगर हैं। कोरोना एक जंग है और इस जंग में जिन सिपाहियों ने अपना योगदान दिया है उन सभी को हम अपनी इस मुहिम के माध्यम से बताना चाहते हैं कि वे लोग हमारे लिए कितना महत्त्व रखते हैं।

प्यार भरी बुनाई करेंगे महसूस

वे कहती हैं कि कोरोना का यह बुरा दौर भी गुजर ही जाएगा। बस हमें सावधानी के साथ हिम्मत बनाकर रखनी है। हम चाहते हैं कि जब ये लोगों तक ये पहुंचेगी तो वे महसूस कर पाएंगे कि उनमें बुना हुआ कीमती प्यार।

ऐसे पड़ा नाम

इस मुहिम का नाम करूणा क्विल्ट मूवमेंट है। करूणा संस्कृत का शब्द है जिसमें दया और सहानुभूति दोनों के गुण समाहित हैं।

सीख सकते हैं ब्लॉक बनाना

पैचवर्क क्विल्टिंग ब्लॉक बनाना नहीं आता है तो आप यूट्यूब चैनल Simply Beautiful Always पर क्विल्ट को बनाना भी सीख सकते हैं।

अमित कुमार बाजपेयी
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