वट पूर्णिमा पर पत्नियों ने मांगा 7 जन्मों का साथ तो पतियों ने की एेसी दुआ, सुनकर हैरान रह जाएंगे आप

विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं। लेकिन, महाराष्ट्र में कुछ ऐसा हुआ जो आपको हैरान कर देगा।

Vinay Saxena

June, 2802:22 PM

अजब गजब

नई दिल्ली: हिन्दू धर्म में वट यानि बरगद के वृक्ष को बहुत महत्व दिया जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि वट वृक्ष की पूजा करने वाली महिलाओं का सुहाग अजर-अमर रहता है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इसी दिन सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से वापस ले आई थीं। यही वजह है कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं। लेकिन, महाराष्ट्र में कुछ ऐसा हुआ जो आपको हैरान कर देगा।

पत्नियों से छुटकारा पाने के लिए मांगा दुआ


महाराष्ट्र पुरुषों के एक समूह ने पत्नियों से छुटकारा पाने के लिए दुआएं मांगीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये पुरुष अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं। पुरुषों ने पेड़ के चारों तरफ उल्टी दिशा में धागा बांधा और मन्नत मांगी की कि ऐसी पत्नियां सात जन्म तो क्या सात सेकंड के लिए भी नहीं चाहिए।

पत्नी पीड़ित पुरुष संगठन के सदस्य हैं ये लोग


बता दें, ये एक ऐसा पर्व है, जब हिंदू महिलाएं पूरे दिन उपवास रखती हैं। बरगद के पेड़ के चारों तरफ धागा बांधकर अगले सात जन्मों तक अपने पति का साथ मांगती हैं। वहीं, दूसरी आेर ये पुरुष अपनी पत्नियों से छुटकारा पाने के लिए दुआ मांग रहे हैं। ये लोग पत्नी पीड़ित पुरुष संगठन के सदस्य हैं। सदस्यों ने जाप किया कि अगले सात जन्मों तक ऐसी पत्नी मत देना। संगठन के सदस्य तुषार वाखरे ने कहा कि हमारी पत्नियां कानूनी प्रावधानाओं का इस्तेमाल कर हमारा उत्पीड़न करती हैं।

औरंगाबाद के पास है 'पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम'

बता दें, महाराष्ट्र के औरंगाबाद के पास एक 'पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम' खुला है। यह एक ऐसा आश्रम है जहां पत्नियों द्वारा प्रताड़ित पुरुष आश्रय पा सकते हैं। इस आश्रम की स्थापना 19 नवम्बर 2016 को पुरुष अधिकार दिवस के मौके पर की गई बताई जाती है। इस आश्रम की स्थापना भारत फुलारे ने की है। वह किस हद तक अपनी पत्नी से पीड़ित हैं इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इनके खिलाफ इनकी पत्नी ने 147 केस दर्ज करा रखे हैं।

 

Vinay Saxena
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