इस मंदिर में जाने से डरते हैं लोग, घोस्ट मशीन लगाकर देखा तो मिला अलौकिक शक्तियों के होने का सबूत

इस मंदिर में जाने से डरते हैं लोग, घोस्ट मशीन लगाकर देखा तो मिला अलौकिक शक्तियों के होने का सबूत

Arijita Sen | Publish: Sep, 08 2018 12:26:00 PM (IST) अजब गजब

हम एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां के नाम से ही लोग डर जाते हैं। खासकर शाम के वक्त लोग इस मंदिर से दूरी बनाकर रखते हैं।

नई दिल्ली। मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां जाते ही इंसान को सकारात्मक शक्तियों का एहसास होता है। मन को शान्ति मिलती है और सारी परेशानियां कुछ ही देर के लिए सही दूर हो जाती है। खासकर शाम के वक्त मंदिरों में होने वाली संध्या आरती और मंत्रोच्चारण से तन-मन को शक्ति मिलती है। आसपास का वातावरण भी इससे शुद्ध हो जाता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां के नाम से ही लोग डर जाते हैं। यहां जाने से लोग कतराते हैं। खासकर शाम के वक्त लोग इस मंदिर से दूरी बनाकर रखते हैं।

 

किराड़ू मंदिर

हम यहां बात कर रहे हैं किराड़ू के प्राचीन मंदिर समूह के बारे में। राजस्थान के बाड़मेर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर किराड़ू नाम का एक छोटा सा गांव है। इस गांव में स्थित मंदिर समूहों का नाम इसी के नाम पर पड़ा है। इस मंदिर के बारे में लोग तरह-तरह की बातें करते हैं।

ऐसा भी कहा जाता है कि यह मंदिर श्रापित है। इस मंदिर को स्थानीय निवासी अपशकुन मानते हैं। गांववालों का तो ऐसा भी कहना है कि मंदिर के बाहर स्थित विशाल पत्थर कोई और नहीं बल्कि एक कुम्हारिन है जो किसी ऋषि के श्राप के कारण पत्थर बन गई है।

 

किराड़ू मंदिर

शाम होते ही लोग यहां से जाने लगते हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि शाम के बाद जो भी यहां रूकता है वह पत्थर बन जाता है।

यहां आज जितने भी पत्थर मौजूद हैं वे सभी किसी जमाने में इंसान हुआ करते थे। इन्हीं सब कारणों के चलते शाम होते ही सारी वास्तुकलाओं पर ताला लगा दिया जाता है और इंसान यहां से चले जाते हैं।

वीरान रहने की वजह से इन मंदिरों का रख-रखाव भी सही ढंग से नहीं हो पाया है। गांव में कुल 5 मंदिर हैं, जिनमें से विष्णु और सोमेश्वर मंदिर ही सही हालत में हैं। सोमेश्वर मंदिर ही यहां सबसे बड़ा है।

 

किराड़ू मंदिर

यहां स्थित नकरात्मक शक्तियों का पता लगाने के लिए पैरानॉर्मल सोसाइटी ऑफ इंडिया के मेंबर चंद्रप्रकाश ने मंदिर की गैलेरी में घोस्ट मशीन यानी इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड को रखा जिससे यहां मौजूद नेगेटिव एनर्जी का पता लगाया जा सकें। हैरान करने वाली बात यह थी कि इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड ने दर्शाया कि यहां वाकई में कोई दूसरी ताकत मौजूद है।

 

किराड़ू मंदिर

हालांकि अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है जिसके चलते विशेषज्ञों का मानना है कि यहां लोग आराम से आ-जा सकते हैं। वैसे किराड़ू मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से काफी समृद्ध है। लोग यहां मंदिरों की वास्तुकला को देखने और यहां की वीरान और अद्भुत परिवेश का आनंद लेने आते हैं।

Ad Block is Banned