इस जेल में अचानक नरभक्षी हो गए कैदी, खाने लगे एक-दूसरे का मांस

प्रयोग के लिए जेल में बंद पांच कैदियों के साथ एक सौदा किया गया था।
कैदियों को बताया गया कि उन्हें 30 दिनों तक बिना सोए रहना होगा।

By: Shaitan Prajapat

Published: 12 Jan 2021, 11:22 AM IST

नई दिल्ली। जेल का नाम सुनते सभी के मन में एक ही ख्याल आता है कि यह केवल अपराधियों के लिए बनाई गई है। पुराने जमाने में जब कोई नया प्रयोग किया जाता था तो जेल में बंद कैदियों पर किया जाता है। क्योंकि यहां पर लोग 24 घंटे उनके सामने रहते थे। उनमें जो भी बदलाव होता था उसको आसानी से रिकॉर्ड कर लेते है। यह आम लोगों के साथ करना का संभव नहीं है। आज आपको एक ऐसी जेल के बारे में बताने जा रहे है जहां पर कैदी नरभक्षी हो गए और एक दूसरे का मांस खाने के लिए आतुर हो गए।

नींद प्रयोग
एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस में पहले एक खतरनाक शोध किया गया था। जिसका प्रयोग कैदियों पर किया गया। कहा जाता है कि यह प्रयोग 1940 के दशक में किया गया था। इसको नींद प्रयोग कहा गया। इस प्रयोग के बाद कैदियों ने अपना मांस खाना शुरू कर दिया था। इसके बाद कैदियों पर यह प्रयोग करना बंद कर दिया गया।

30 दिनों तक सोए नहीं
खबरों के अनुसार, प्रयोग के लिए जेल में बंद पांच कैदियों के साथ एक सौदा किया गया था। उन्हें बताया गया था कि यदि वे इसका हिस्सा थे, तो प्रयोग समाप्त होते ही उन्हें छोड़ दिया जाएगा। कैदियों को बताया गया कि उन्हें 30 दिनों तक बिना सोए रहना होगा। इस पर उन्होंने अपनी सहमत जताई। उन्हें एक एयरटाइट चैंबर में बंद कर दिया गया और उसमें एक गैस डाली गई। उन पर ध्यान रखा गया कि कैदियों पर इस प्रयोग का क्या प्रभाव पड़ता है।


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शुरुआत में सब कुछ ठीक था।

वैज्ञानिकों ने अपनी बातचीत को रिकॉर्ड करने के लिए कांच के माध्यम से उन पर नजर रखी। एक हफ्ते तक सभी कैदी अच्छे स्वास्थ्य में थे। बाद में उनकी हालत खराब हो गई। कैदियों ने धीरे-धीरे एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया। 11 वें दिन बीत जानेके बाद एक कैदी चिल्लाया। वह इतनी जोर से चिल्ला रहा था कि वह कहता है कि उसकी आवाज की हड्डी फट गई है। हालांकि बाकी कैदियों पर उनकी चीख का कोई असर नहीं हुआ।

एक दूसरे का मांस खाने लगे
इसके बाद कैदियों पर प्रयोग बंद कर दिया गया। 15 दिन बाद सभी कैदियों ने अचानक चिल्लाकर कहा कि हमें बाहर मत निकालो, हम बाहर नहीं निकलना चाहते। इस बीच, एक कैदी को भी मार दिया गया था। प्रयोग करने वाले वैज्ञानिकों ने कैदियों की हालत देखी तो उनके होश उड़ गए। उसने देखा कि कई कैदियों के अंगों से मांस गायब हो गया था, केवल उनकी हड्डियां दिखाई दे रही थीं। खबरों के अनुसार, उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक-दूसरे का मांस खाने लगे।

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