दाल बाफले का है बारिश से सीधा कनेक्शन, यकीन नहीं होता तो पढ़ लें पूरी खबर

हम आपको एक ऐसे ही अनोखे टोटके के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि बेहद मजेदार है।यह रिवाज मध्यप्रदेश के कई गांवों में काफी लंबे समय से चला आ रहा है।

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Published: 29 Jun 2018, 12:25 PM IST

नई दिल्ली। हर मौसम का अपना अलग महत्व है लेकिन अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। गर्मी या सर्दी दोनों की अधिकता सभी को परेशानी में डाल देती है। ज्यादा ठंड में लोग धूप के लिए तरसते हैं तो वही गर्मी की अधिकता में लोग दो बूंद पानी के लिए तरसते हैं।

Bati chokha

चिलचिलाती धूप और प्रचंड गर्मी में इंसान के साथ-साथ जानवरों की हालत भी अस्त-व्यस्त हो जाती है। लोग बारिश के लिए दुआ-प्रार्थना करते हैं। इन सब से बात नहीं बनती है तो यज्ञ,हवन इत्यादि कराया जाता है। गांव-देहात में टोटकों का इस्तेमाल किया जाता है जैसे मेंढ़क की शादी इत्यादि। आज हम आपको एक ऐसे ही अनोखे टोटके के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि वाकई में बेहद रोचक और मजेदार है।

Rain

यह रिवाज मध्यप्रदेश के कई गांवों में काफी लंबे समय से चला आ रहा है। इस रिवाज के अनुसार बारिश न होने की स्थिति में गांववालें सभी की सहमति से एक दिन रखते हैं। इस दिन सभी गांववासी अपने-अपने खेतों में जाकर सबसे पहले इंद्रदेव की पूजा करते हैं। इसके बाद यहां सभी मिलकर मशहूर और स्वादिष्ट पकवान दाल-बाफला बनाते हैं। इस दिन सभी एक साथ मिलकर इसे खाते हैं। यहां लोगों की ऐसी मान्यता है कि इससे गांव में बारिश होती है।

 

Bati chokha

इस खास दिन पर गांववाले अपने घरों में खाना नहीं बनाते हैं और सभी एकसाथ खेतों में ही रहते हैं, मिलकर समय व्यतीत करते हैं। इस रिवाज से या इस टोटके से बारिश होगी या नहीं यह तो बताना वाकई में मुश्किल है लेकिन गांववालों के बीच एकता बनाए रखने के लिए यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है। इससे लोग अपनी बातों या समस्याओं पर भी खुलकर विचार कर सकते हैं। तमाम पहलुओं को साथ मिलकर हल कर सकते हैं और अपनों के बीच प्रेम और सौहार्द की भावना बरकरार रख सकते हैं।

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