महिला 8 हफ्तों से थी प्रेग्नेंट, फिर अल्ट्रासाउंड करने के बाद सामने आ गई ये बुरी खबर

  • महिला समेत हर कोई रह गया हैरान
  • डॉक्टर ने बताई ये बड़ी बात

By: Prakash Chand Joshi

Published: 08 Dec 2019, 03:44 PM IST

नई दिल्ली: कहते हैं मां और बच्चे का रिश्ता अलग ही होता है। मां अपने बच्चे के लिए वो सब कुछ करती है, जो शायद ही कोई और कर पाए। लेकिन क्या आपने सुना या देखा है कि कोई बच्चा ( children ) इस दुनिया में भी न आया हो और उसने अपनी मां की जान बचा ली हो। शायद आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा हो, लेकिन ऐसा सच में हुआ है। चलिए बताते हैं कैसे।

doc2.png

इस लड़की को है अजीबोगरीब बीमारी, पानी के संपर्क में आते ही हो जाता है ऐसा हाल

दरअसल, 8 हफ्ते की प्रेगनेंट एक महिला ने अल्ट्रासाउंड ( ultrasound ) कराया तो उसके ब्लैडर में डॉक्टरों को कुछ दिखाई दिया। डॉक्टरों ने उस महिला को बताया कि आपको ट्यूमर है जिसे निकालना बहुत ही आवश्यक है। डॉक्टरों ने यह भी कहा यदि ट्यूमर निकाला गया तो बच्चे की जान को भी खतरा हो सकता है। सभी लोगों को लगने लगा कि महिला की जिंदगी में खुशियां आने से पहले ही छिनने वाली है। लेकिन डॉक्टरों के सफल ऑपरेशन के कारण बच्चे की जान बच गई। महिला ने यह कहानी शेयर की कि कैसे बिना पैदा हुए बच्चे ने उनकी जान बचा ली। 29 साल की हेयर ड्रेसर यास्मिन रैंडल का प्रेगनेंसी को लेकर अनुभव बहुत ही बेकार था। जब वह प्रेगनेंट हुई तो उन्होंने लोकल हॉस्पिटल में चेकअप करा लिया। उस वक्त सब कुछ साधारण था, लेकिन कपल ने पूरी सावधानी बरतनी चाही और एक प्राइवेट क्लीनिक में दोबारा स्कैन कराया। सोनोग्राफर ने कहा कि बच्चा एकदम ठीक है तो इस कपल को बहुत खुशी हुई। महिला की स्कैनिंग जारी रही। थोड़ी देर बाद पता चला कि महिला के ब्लेंडर में मांस के टुकड़े जैसा कुछ है। यह बात सुनकर कपल को बहुत झटका लगा।

doc1.png

सोनोग्राफर ने कपल को कहा कि आप इस को गंभीरता से लें, जिसके बाद वो कपल डॉक्टरों के पास गए। यास्मिन रैंडल के अन्य टेस्ट साउथहैंपटन जनरल हॉस्पिटल में हुए, जिसमें डॉक्टरों को पता चला कि महिला को 2 सेंटीमीटर का ट्यूमर है। डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर इलाज के जरिए ही निकल सकता है और इसमें मिसकैरिज होने का खतरा है। महिला के प्रेगनेंसी के 19वें हफ्ते में डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला किया तब तक महिला का ट्यूमर 1 सेंटीमीटर और बढ़ गया। ऑपरेशन करने के लिए महिला के शरीर का निचला हिस्सा सुन्न कर दिया गया। यास्मिन रैंडल ने कहा कि मैं होश में थी। डॉक्टरों ने 12 मिनट के भीतर ही ब्लैडर से टयूमर निकाल लिया। मुझे यह वक्त पहाड़ जैसा लग रहा था। डॉक्टरों ने हमसे कहा कि अगले 48 घंटे में कुछ भी हो सकता है। मैंने 20वें हफ्ते में स्कैन कराया तो पता चला कि बच्चा हाथ पैर हिला रहा है। हमें बहुत खुशी हुई। यास्मिन रैंडल ने कहा कि मेरी बेटी ने ड्यू डेट के 4 दिन बाद एक स्वस्थ बच्चे के तौर पर जन्म लिया। उसने जन्म लेने से पहले ही मेरी जान बचा ली, वह हमारे लिए बहुत ही स्पेशल है।

Show More
Prakash Chand Joshi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned