'शापित' कहलाता है यूपी का ये पुल, 20 साल में 1000 से ज्यादा लोगों ने की खुदकुशी

  • Prayagraj Shaapit Bridge : इस पुल का नाम यमुना ब्रिज है। ये प्रयागराज को नैनी से जोड़ता है
  • पुल का निर्माण साल 2000 में हुआ था, तब से हजारों लोगों ने यहां आत्महत्या की है

By: Soma Roy

Published: 30 Jun 2020, 03:25 PM IST

नई दिल्ली। वैसे तो मॉर्डन जमाने में लोग भूत-प्रेत या शापित जैसी चीजों पर यकीन करना मुश्किल है। इसके बावजूद देश में कई लोग ऐसे हैं जो अभी भी इन अंधविश्वासों को मानते हैं। तभी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित एक पुल को 'शापित' (Accursed Bridge) माना जाता है। बीते दो दशक से सुसाइड पॉइंट (Suicide Point) बना हुआ है। 20 साल में करीब 1000 से ज्यादा लोगों ने इस पुल से कूदकर अपनी जान दे दी है। इसलिए यहां रात में आने से लोग कतराते हैं।

यह पुल यूपी में प्रयागराज (Prayagraj) को नैनी से जोड़ने के लिए बनाया गया था। इसका नाम यमुना ब्रिज है। मगर लोग इसे 'शापित' हैं। इसलिए इसे अब अब सुसाइड पुल के नाम से जाना जाता है। लोगों का कहना है कि ये पुल आत्महत्या करने के लिए उकसाता है। तभी जिंदगी से हताश होकर लोग यहां खुदकुशी कर लेते हैं। यह पुल साल 2000 मैं तैयार हुआ था। इस पुल के बनने से मिर्जापुर और मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों लोगो को आराम हो गया था। प्रयागराज का नया यमुना पुल नैनी और कीडगंज थाने की सीमा में आता है। पुल का उत्तरी हिस्सा कीडगंज में है और दक्षिणी हिस्सा नैनी में है। यहां होने वाले हादसों में सीमा विवाद बहुत होता है। इसके चलते कई बार मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पाती है।

पुल पर लगाकर हो रही आत्महत्याओं को रोकने के मकसद से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक अधिवक्ता ने पीआईएल दाखिल किया था। जिसमें उन्होंने पुल के दोनों तरफ जाली लगाने की मांग की थी। हालांकि इसके जवाब में पुल का रख—रखाव करने वाली कंपनी एनएचएआई ने दलील दी कि पुल पर अतिरिक्त भार लगाए जाने से ये टूट सकता है। इससे जान-माल को नुकसान हो सकता है।

Show More
Soma Roy Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned