लोगों में बढ़ रही है असहिष्णुता

न्यूज चैनल न दिखाएं भड़काऊ भाषण

By: सुनील शर्मा

Published: 10 Dec 2017, 02:04 PM IST

-डॉ. शिल्पा जैन सुराणा

हाल ही में एक घटना हुई जिसमें एक व्यक्ति ने सरेआम एक व्यक्ति को बुरी तरह मारा और उसका वीडियो बनाया, उसके बाद यह व्यक्ति लव जिहाद, साम्प्रदायिकता, देशभक्ति नारे न जाने क्या क्या बोलता नजर आया, ये वीडियो वायरल हो गया। सबसे बडी बात कि इसने जिस व्यक्ति को मार उससे उसकी कोई दुश्मनी नही बस वो एक अलग सम्प्रदाय का व्यक्ति था। बहुत जरूरी है कि इस बारे में हम खुले दिमाग से सोचे, क्यों ऐसी सोच लोगो मे बढ़ रही है? क्यों इस तरह की सोच धीरे धीरे ही सही लोगो के दिमाग मे घर कर रही है?

इसका सबसे बड़ा एक कारण है खबरिया चैनल, ये वास्तविकता है। वजह है ऐसे लोगो की कमी नही जो दिन रात इस बुद्धू बक्से के आगे मुँह टिकाए बैठे रहते है। आजकल असली या जमीन से जुड़े मुद्दों को दिखाना इन ख़बरिये चैंनलों का लक्ष्य रहा नही, ये दिखाते है डिबेट, लोगो के भड़काऊ भाषण और बहस,फिर वो बाते कब कहाँ पहुंच जाए इनको कुछ लेना नही इनका सिर्फ एक लक्ष्य है वो है TRP। शायद लोगो को उन चीज़ों का भान ही नही पर ये उनके दिमाग मे इतना कचरा भर देते है कि सामने वाले को ये पता ही नही चलता कि वो कौनसी दिशा में जा रहा है।

साम्प्रदायिकता फैलाने वाले भाषण, नेताओ के गैर जिम्मेदार बयान 24 घंटे मीडिया फैलाती रहती है। लोगो के मन में नफरत फ़ैलाने का काम हो या यूं कहें आग में घी डालने का काम करती है और ऐसे ही आग में घी डालते है असामाजिक तत्व, जो ऐसे मौके का फायदा उठाने की फिराक में रहते है। अभिव्यक्ति की आज़ादी के आड़ में इन खबरिया चैनलो ने सारी सीमाएं लांघ दी है।

आज़ादी का मतलब ये नही आप लोगो के दिमाग मे कचरा भरो, जब ताज पर हमला हुआ तो ये ख़बरिया चैनल ही थे जो इनके मददगार बने, इसीलिए जरूरी है इन पर लगाम लगाई जाए, जब तक कोई कड़ा कदम नही उठाया गया ये मनमानी करेंगे और ऐसे ***** लोगो की कमी नही जो इनकी खबरों का महिमामंडन करते है। समय रहते सूचना और प्रसारण मंत्रालय इस पर संज्ञान ले तो इस देश का और उसके आम नागरिकों का भी भला होगा।

सुनील शर्मा
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