जिंदगी में बदलाव का निर्णय इन 6 सूत्रों पर निर्भर करता है

जिंदगी में बदलाव का निर्णय इन 6 सूत्रों पर निर्भर करता है

Manish Kumar Singh | Publish: Jan, 20 2019 06:03:02 AM (IST) वर्क एंड लाईफ

न्यू मेक्सिको में रहने वाली 53 वर्षीय जेन मानती हैं कि लोग जिंदगी बदलने का निर्णय तो लेते हैं पर जब वे उनके लिए बहुत कठिन होता है। हालांकि वे मानती हैं कि सभी के भीतर अपने को बदलने की क्षमता होती है क्योंकि जिंदगी सिर्फ इन छह सूत्रों पर चलती है।

जेन सिनकेरो जब 40 की अवस्था में थीं तब वे पूरी तरह निराश हो चुकी थीं। इसके बाद फैसला किया कि वे अपनी जिंदगी बदलेंगी। किताब लिखने का फैसला किया और लाइफ कोच बन गईं। 2013 में प्रभावशाली किताब सेल्फ हेल्प गाइड ‘यू ऑर अ बडास: हाऊ टू स्टॉप डाउब्टिंग योर ग्रेटनेस एंड स्टार्ट लिविंग एन ऑसम लाइफ’ लेकर आईं जो सबसे अधिक चर्चा में रही। न्यू मेक्सिको में रहने वाली 53 वर्षीय जेन मानती हैं कि लोग जिंदगी बदलने का निर्णय तो लेते हैं पर जब वे उनके लिए बहुत कठिन होता है। हालांकि वे मानती हैं कि सभी के भीतर अपने को बदलने की क्षमता होती है क्योंकि जिंदगी सिर्फ इन छह सूत्रों पर चलती है।

1- लिखें आपको क्या चाहिए
हम अधिकतर समय पैसा बनाने और उसे सही जगह लगाने की सोचते हैं। पर आप नए साल में ये सोचें कि आपको नई नौकरी पानी है। वैसा ही लिखें जैसा बदलाव चाहते हैं, जैसे आप अपना समय कैसे व्यतीत कर रहे हैं? किसके साथ काम कर रहे हैं? आप क्या कमा रहे हैं? आपके दैनिक जीवन में क्या सुधार हुआ।

2- अलग व अच्छा सोचें
किताब लिखने की सोच रहे हैं तो कदम पीछे न खींचे क्योंकि एक फैसला आपकी जिंदगी बदल देगा। तय करें की रोजाना पांच पेज या बीस मिनट लिखना है। ये मत कहें कि पहले कुछ लिखा नहीं है। किसी बात को लेकर निराश न हों। आपका मन और दृढ़ इच्छाशक्ति ही आपको आगे बढ़ाने का काम करेगी।

3- समूह बनाएं जो साथ दे
अपने बीच लोगों और दोस्तों का ऐसा समूह बनाएं जो हर परिस्थिति में आपकी मदद करे। जब आपको साथ एक दिमागदार व्यक्ति होगा तो आगे बढऩे की राह आसान होगी। ऐसा व्यक्ति चुनें जो आप पर नजर रखे और आपके हर गलत- सही बात की जानकारी दे। हवा में और अकेले कुछ भी संभव नहीं है।

4- आध्यात्मिक सक्रियता
मन और शरीर स्वस्थ होंगे तो एकाग्रता और तरोताजगी रहेगी। रहता व्यायाम के साथ ध्यान लगाएं। सुबह म्यूजिक और मोटिवेशनल वक्ताओं को सुनें इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। आध्यात्मिक जिमिंग (सक्रियता) से व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से बलवान बनता है।

5- कुछ अच्छा और नया करें
जिंदगी परीक्षा का चक्र है। जो इसे सीमित व सुरक्षित तरह से जीते हैं वे जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। बहादुरी के साथ खतरा मोल लेंगे तो जिंदगी जीने का मजा दोगुना होगा। आरामतलबी को तो छोड़ दें। कुछ अच्छा और नया करने की कोशिश करें जो आपने अभी तक नहीं किया है।

6- वे बनें जो बनना चाहते हैं
‘बडास’ शब्द का मतलब होता है कि व्यक्ति को वही करना चाहिए या बनना चाहिए जो उसके दिल में है। ध्यान रखें आपको धरती पर सिर्फ एक बार जिंदगी मिली है और उसे अपने हिसाब से जीना होगा। तय करें की जरूरी क्या है? खुद को मौका दें तभी आप बेहतर कर सकते हैं।

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