सऊदी अरब के बाद अब जर्मनी ने दिया पाकिस्तान को झटका

एआइपी प्रणाली से पनडुब्बियों की क्षमता भी बड़ जाती है क्योंकि इससे डीजल इंजन बिना अटमॉस्फीरिक हवा के हफ्तों चल सकते हैं।

By: pushpesh

Published: 24 Aug 2020, 11:57 PM IST

बर्लिन. हाल ही मुस्लिम देशों को एक मंच पर लाने की मुहिम की कोशिश में सऊदी अरब से फजीहत झेलने के बाद जर्मनी ने भी पाकिस्तान को झटका दिया है। एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अपनी पनडुब्बियों के लिए एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआइपी) की मांग की थी, जिसके लिए जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने साफ इनकार कर दिया। दरअसल एआइपी की मदद से पनडुब्बियां हफ्तों पानी के नीचे रह सकती हैं। जर्मन फेडरल सिक्यॉरिटी काउंसिल ने पाकिस्तान को यह फैसला 6 अगस्त को सुनाया था। पाकिस्तान ने एआइपी की मांग इसलिए रखी थी ताकि उसकी पनडुब्बियों को सतह पर ना आना पड़े। एआइपी प्रणाली से पनडुब्बियों की क्षमता भी बड़ जाती है क्योंकि इससे डीजल इंजन बिना अटमॉस्फीरिक हवा के हफ्तों चल सकते हैं।

जर्मनी ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?
रिपोर्ट में कहा गया है कि जर्मनी ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा रुख उसकी आतंकवाद को काबू में करने की नाकामी की वजह से अपनाया है। खासकर, 2017 में काबुल में जर्मनी के दूतावास पर हुए बम धमाके के दोषियों को सजा दिलाने में पाकिस्तान असफल रहा। करीब 150 लोगों की जान लेने वाले धमाके के पीछे हक्कानी नेटवर्क का हाथ था जिसे पाकिस्तान में समर्थन मिला है। कुछ दिन पहले ही फाइनेंशिल एक्शन टास्क फोर्स की ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर आने की कोशिशों के तहत पाकिस्तान ने 88 प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं पर कार्रवाई करने का ढोंग किया है। लेकिन इस लिस्ट में अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम शामिल करके आखिरकार उसने एक तरह से मान लिया है कि दाऊद पाकिस्तान की जमीन पर ही है।

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