GERMANY : उम्र-93 वर्ष, अपराध-5000 हत्याओं का दोषी

-द्वितीय विश्वयुद्ध का मामला, 5232 यहूदियों की हत्या में मददगार

By: pushpesh

Published: 24 Jul 2020, 11:43 PM IST

बर्लिन. अक्सर देश और दुनिया में लोगों को एक या दो हत्याएं करने के लिए मौत की सजा सुनाई जाती है लेकिन बर्लिन में एक 93 साल के शख्स को 5000 हत्याओं में शामिल होने का दोषी ठहराया गया है। यह मामला कोई आज का नहीं बल्कि दूसरे विश्व युद्ध का है जब नाजियों ने यहूदियों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसे मानव इतिहास के सबसे नरसंहारों के रूप में जाना जाता है। ब्रूनो डी नाम का यह शख्स 5232 यहूदियों की हत्या में मददगार होने का दोषी पाया गया है। इस आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। हैम्बर्ग की कोर्ट ने 93 वर्ष ब्रूनो को इन हत्याओं का दोषी करार दिया।

दूसरे विश्व युद्ध में जर्मन तानाशाह हिटलर के नेतृत्व में नाजी सेना ने यहूदियों पर कहर बरपाया था और यातनाएं दे-देकर उनकी हत्याएं की थी। इसे याद करके आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। इन कृत्यों को करने के लिए नाजियों द्वारा बनाए गए कैंप में आज भी उस हैवानियत के निशान मौजूद हैं। हमबर्ग कोर्ट ने ब्रूनो को जिन हत्याओं में मदद का दोषी माना उनमें से ज्यादातर की हत्या सिर के पीछले हिस्से में गोली मारकर की गई थी। ब्रूनो को जिन आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया है वो अपराध अगस्त 1944 से अप्रैल 1945 के बीच हुए थे। उस वक्त ब्रूनो की उम्र 17 या 18 वर्ष थी।

पीडि़त परिवारों से माफी
ब्रूनो ने युद्ध अपराध के लिए अदालत में अपनी अंतिम गवाही में पीडि़तों को मिली की पीड़ा के लिए उनके परिजनों से माफी मांगी लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि वो उस दौर में हुए युद्ध अपराधों के लिए काफी शर्मिंदा है और उन तमाम लोगों और उनके परिजनों से माफी मांगता है जिन्होंने इसकी पीड़ा को झेला है।

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