मिस्र के ग्रांड मुफ्ती ने बिटक्वाइन के खिलाफ क्यूं जारी किया फतवा!

मिस्र के शीर्ष मुफ्ती शेख शॉकी अल्लाम ने अपने आधिकारिक फतवे में शरिया का हवाला देते हुए इस्लाम में बिटकॉइन को गैर कानूनी करार दिया है।

By: Dhirendra

Published: 04 Jan 2018, 11:36 AM IST

गैर कानूनी मुद्रा
मुफ्ती का कहना है कि यह एक आभासी मुद्रा है। इस मुद्रा में लेनदेन कानूनन गलत है। क्योंकि यह सरकार द्वारा मान्य मुद्रा नहीं है। इस तरह के डिजिटल क्रिप्टो-करेंसी के साथ कपट, अज्ञानता और धोखाधड़ी के खतरे जुड़े हैं। यह न केवल खास व्यक्ति को बल्कि बड़े पैमाने पर संचालित संगठनों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसमें लेन-देन से कालाबाजारी और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

फूटने वाला है बिटकॉइन का गुब्बारा
एक रिपोर्ट के मुताबिक एक साल पहले बिटक्वाइन का मूल्य एक हजार डॉलर था, जो साल खत्म होने से पहले बढ़कर 20 हजार डॉलर हो गया। उसके बाद इसमें 25 फीसद से ज्यादे की गिरावट आई थी। फिर इसका मूल्य 13,000 हजार डॉलर हो गया। वर्तमान में 13,990 डॉलर है। इसकी कीमत में अचानक गिरावट और अस्थिरता को देखते हुए वैश्विक स्तर पर चेतावनियां जारी होने लगी है। भारत सहित दुनिया के कई देश की सरकारों ने इसकों लेकर चेतावनियां जारी की। लोगों को इस क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन को लेकर सतर्क रहने को कहा था। उसके बाद से इस मुद्रा की वैधता पर लोग सवाल भी उठाने लगे हैं। सरकार के इस पहल से इस अभासी मुद्रा के बारे में लोग अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने लगे हैं। इसलिए यह खतरनाक है। इसका गुब्बारा बहुत जल्द फूट सकता है।

मिस्र में गैर कानूनी
बिटक्वाइन को खतरनाक इसलिए बताया गया है कि यह मुद्रा किसी अधिकृत एजेंसी की निगरानी में नहीं है। मिस्र में अगस्त 2017 में बिटक्वाइन का पहला एक्सचेंज खुला था। इस मुद्रा में गैर कानूनी तरीके से लेन-देन से कई तरह की समस्याएं उठ खड़ी हुई थी। इससे आभासी मुद्रा का प्रचलन बढऩे लगा था। यह ट्रेंड जारी रहने पर अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह होने की संभावनाएं जताई जाने लगी थीं। इसलिए इस एक्सचेंज को अधिकारियों ने बीते महीने गैर कानूनी घोषित कर दिया है।

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