जर्मनी की संसद ने एंजेला मर्केल को चौथी बार चांसलर चुना

Dhirendra Mishra

Publish: Mar, 14 2018 04:02:31 PM (IST)

विश्व
जर्मनी की संसद ने एंजेला मर्केल को चौथी बार चांसलर चुना

यूरोप की सबसे ताकतवर नेता के रूप में उभरी एंजेला मर्केल चौथी बार जर्मनी का दुनिया भर में नेतृत्‍व करेंगी।

नई दिल्‍ली. जर्मनी की संसद ने देश के अगले नेता के रूप में एंजेला मार्केल की पुष्टि कर दी है। इस बार मर्केल सोशल डेमोक्रैट के साथ चौथी बार महागठबंधन सरकार का नेतृत्‍व करेंगी। गठबंधन सरकार में इस बार सीडीयू के अलावे सीएसयू और उनके सहयोगी पार्टियां भी शामिल हैं। आपको बता दें कि मर्केल को चौथी बार चांसलर चुनने में 171 दिनों से ज्‍यादे का समय लग गया। वहां पर आम चुनाव का परिणाम 24 सितंबर, 2017 को ही आ गया था। लेकिन मर्केल की पार्टी पहली बार पार्टी 40 प्रतिशत वोट के लक्ष्य को पाने में असफल रही।

364 सदस्‍यों का मिला समर्थन
जर्मनी के निम्‍न सदन बुंडेस्टैग के नेता के चुनाव में उन्‍हें 364 सदस्यों ने मेर्केल के पक्ष में मतदान किया। इसी के साथ जबकि 315 सदस्यों ने उनके खिलाफ मतदान किया। नौ सदस्‍य तटस्‍थ रहे और 21 सांसदों ने मतदान में भाग नहीं लिया। महागठबंधन में कुल सांसदों की संख्‍या 399 है।

एएफडी ने किया धमाका
इससे पहले सितंबर, 2027 में हुए चुनाव में मर्केल की कंजरवेटिव पार्टी ने चुनाव जीता था। मर्केल की पार्टी को 33 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि एसपीडी को 20.5 प्रतिशत मत मिला जो 2013 के आंकड़े से बहुत कम था। सितंबर में हुए चुनावों में चौकाने वाली बात यह उभरकर आई कि मुस्लिम और प्रवासी विरोधी पार्टी एएफडी ने पहली बार चुनाव लड़ा और उसे करीब 13 फीसद मत मिले। जबकि इस पार्टी का गठन तीन से चार वर्ष पूर्व ही हुआ था। एएफडी देश की सबसे बड़ी तीसरी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। जर्मनी के राजनीतिक विश्‍लेषक एएफडी के उदय को ऐतिहासिक घटना मान रहे हैं।

12 साल से सत्ता में थी मर्केल
मर्केल 12 साल से सत्ता में हैं। उन्होंने प्रचार अभियान में अपने शासनकाल में देश में निम्न बेरोजगारी, मजबूत आर्थिक वृद्धि, संतुलित बजट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते महत्व जैसी उपलब्धियों पर जोर दिया। इसका चुनाव पूर्व कराए गए जनमत संग्रहों में भी असर देखने को मिला था। जिनमें मर्केल के गठबंधन को प्रतिद्वंद्वी मार्टिन शुल्ज और उनकी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी पर बढ़त दिखाई गई थी।

2015 में चुनी गई थी पर्सन ऑफ द ईयर
एंजेला मर्केल के व्यक्तित्व के बारे में कुछ खास बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए. एंजेला मर्केल का असली नाम एंजेला कैसनेर है . मर्केल उनके पहले पति का उपनाम है . वर्ष 1982 में एंजेला मर्केल ने अपने पहले पति को तलाक दे दिया था. जर्मनी में एंजेला मर्केल को उनके समर्थक म्यूटी कहते हैं ये जर्मन भाषा का शब्द है जिसका मतलब होता है Mother या मां। राजनीति में आने से पहले एंजेला मर्केल एक वैज्ञानिक थीं। Time Magazine ने एंजेला मर्केल को वर्ष 2015 का Person of The Year चुना था. वर्ष 2016 में Forbes की List में एंजेला मर्केल को दुनिया का तीसरा सबसे ताकतवर नेता कहा गया .एंजेला मर्केल की गिनती आज दुनिया के उन नेताओं में की जाती है, जिनके बिना कोई भी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन अधूरा माना जाता है। लेकिन अब हिटलर की सोच वाली राष्ट्रवादी पार्टी जर्मनी में जड़ें मजबूत कर रही है जिससे एंजेला मर्केल की चुनौतियां बढ़ गई हैं .
मालिकाना

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned