पाक के परमाणु ठिकानों को 1984 में ही बर्बाद कर सकता था भारत, महज 30 मिनट में सब खत्म

वर्ष 1984 में नवंबर से लेकर फरवरी के बीच पाकिस्तान के न्यूक्लियर कांप्लेक्स पर हमला कर सकता था। हमले के पीछे वजह उन दिनों कम बारिश का होना था।

balram singh

30 Jan 2017, 08:45 PM IST

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायु सेना पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों को 1984 में ही बर्बाद कर सकती थी। भारत के हमलों को पाकिस्तान नहीं रोक पाता। क्योंकि भारत उससे बहुत बड़ी ताकत थी।



रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने 1984 में परमाणु बना लिया था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों की सुरक्षा अपर्याप्त थी। भारतीय वायुसेना की तेज मारक क्षमता को पाकिस्तान के लिए झेल पाना नामुमकिन था। पाकिस्तान के कहुटा एनरिचमेंट प्लांट और पिंसटेक न्यू लेबोरेट्री तक भारत महज 30 मिनट के अंदर पहुंच सकता था।



सीआईए रिपोर्ट के मुताबिक 1984 में भारत के पास मिग-29(मिग-29 की खरीद होनी थी) के रूप में बड़ी ताकत थी, जिसका मुकाबला पाकिस्तान नहीं कर सकता था। पाक के पास मौजूद एफ-16 विमानों की तुलना में मिग-29 की मारक क्षमता जबरदस्त थी।



रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि भारत के इस हमले के बाद पाकिस्तान को वापस पटरी पर आने में सालों लग जाते।



वर्ष 1984 में नवंबर से लेकर फरवरी के बीच पाकिस्तान के न्यूक्लियर कांप्लेक्स पर हमला कर सकता था। इसके पीछे वजह ये बतायी गई कि उन दिनों कम बारिश होने की वजह से ठिकानों की पहचान आसानी से की जा सकती थी।



आपको बता दें की सीआईए लगातार पुरानी फाइलों का खुलासा कर रहा है। इससे पहले उसने ये भी बताया था कि इंदिरा गांधी पाकिस्तान पर हमला कर पीओके पर कब्जा भी कर सकती है। उस समय अमरीका पाकिस्तान का साथ दे रहा था।

balram singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned