वेनेजुएला में साल के अंत तक रिकॉर्ड तोड़ महंगाई

वेनेजुएला सरकार ने तेल कंपनी पीडीएसवीए का फंड सामाजिक विकास में खर्च करना शुरू किया। दुर्भाग्यवश सरकार जमीन से तेल निकालने में असमर्थ हो गई और नियमित निवेश न होने से अर्थव्यवस्था बेपटरी होने लगी।

By: manish singh

Published: 15 Nov 2018, 11:01 PM IST

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के आंकड़ों की मानें तो वेनेजुएला में साल के अंत तक महंगाई दर दस लाख फीसदी तक पहुंच जाएगी। हालांकि इसे नंबर गेम के अनुसार समझना थोड़ा मुश्किल होगा। उदाहरण के साथ समझिए जैसे एक चॉकलेट जिसकी कीमत 65 रुपए (एक डॉलर) है, उसकी कीमत साल के अंत तक 6 लाख 50 हजार (करीब 10000) डॉलर होगी।

ऐसी स्थिति में हर कोई चाहेगा कि वह अपना पैसा ऐसी मद में खर्च करे जिससे उसका मूल्य बना रहे। पूरी अर्थव्यवस्था अब पैसे का खेल बन चुकी है जिसमें योजना और बचत समझ से परे है। वेनेजुएला तेल भंडारण वाला राष्ट्र होने के बावजूद अविकसित है लेकिन हालात ऐसे क्यों हुए। इसके दो जवाब हैं। पहला तकनीकी तो दूसरा राजनीतिक। अत्यधिक महंगाई का तकनीकी कारण ये है कि सरकार उस पैसे से अधिक रकम खर्च करना चाहती है जितना कर से भी नहीं जुटा पाती है। स्थिति यह है कि अब कोई ऋण देने के लिए तैयार नहीं है जिससे घाटे की भरपाई हो सके। हालांकि सरकार केंद्रीय बैंक की मदद से घाटे की स्थिति से उबरने की कोशिश कर रही है।

सरकार को बजट घाटा कम करने के लिए अत्यधिक मुद्रा की छपाई करनी होगी जिससे स्थिति सामान्य हो सके। हालात नहीं सुधरे तो मुद्रास्फीति दर में शून्य लगने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। इसका अंत दो तरह से हो सकता है। सरकार निर्णय ले और सख्त सुधार कार्यक्रम लागू करे या तेजी से खराब हो रही मौद्रिक स्थिति को संभालने के लिए मौदिक्र नीति को मजबूत बनाए। वेनेजुएला को आपदा से बचाने के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ही एकमात्र रास्ता है पर उसके साथ पूंजी का होना भी जरूरी है जो अर्थव्यवस्था को लचीला रखेगी, क्योंकि तेल के दम पर आर्थिक संकट से लंबे समय तक बचाना बहुत मुश्किल होगा।

सरकार निर्णय ले। सख्त आर्थिक सुधार कार्यक्रम लागू करे। तेजी से गिर रही अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए मौद्रिक नीति को मजबूत बनाए। महंगाई दर को नियंत्रित करने का कोई खास रहस्य नहीं है। वेनेजुएला सरकार ने तेल कंपनी पीडीएसवीए का फंड सामाजिक विकास में खर्च करना शुरू किया। दुर्भाग्यवश सरकार जमीन से तेल निकालने में असमर्थ हो गई और नियमित निवेश न होने से अर्थव्यवस्था बेपटरी होने लगी।

वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत

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