तीन महीने में तीसरी बार, इजरायल ने की हमास सुरंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई

तीन महीने में तीसरी बार, इजरायल ने की हमास सुरंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई

Dhirendra Mishra | Publish: Jan, 14 2018 03:48:51 PM (IST) विश्व

तीन महीने के अंदर तीसरी बार इजरायल ने हमास सुरंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।

नई दिल्ली. इधर इजराययल के पीएम वेंजामिन नेतन्याहू भारत के दौरे पर आए और उधर इजरायली सैनिकों ने गाजा क्रॉसिंग स्थित हमास सुरंग के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। अक्टूबर के बाद से यह तीसरी घटना है जब इजरायली सैनिकों ने सुरंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है। इसमें एयर फाइटर जेट के साथ अन्य हथियारों उपयोग किया गया। कार्रवाई के बाद गाजी क्रॉसिंग एरिया को सील कर दिया गया है। यह सुरंग इजरायल, मिस्र और फलस्तीन सीमा पर है।
सुरंग का एक हिस्सा ध्वस्त
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि एयर स्ट्राइक्स के जरिए सुरंग के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके लिए नए तरह के उपकरणों का प्रयोग किया गया है। सेना की तरफ से कहा गया है कि हमें इस बात का पता नहीं है कि इस हमले में कोई घायल हुआ है या नहीं। दोनों तरफ से स्थित अनुकूल होने तक सीलबंदी जारी रहेगी। यह हमला उस समय किया गया जब गाजा पट्टी क्षेत्र में सामान भंडारण के मकसद से ले जाया जा रहा था। इस आपरेशन के दौरान इजरायल और मिस्र के बीच लगातार संपर्क बना रहा और उसे सभी तरह की जानकारियां दी जाती रहीं।
करेम शालोम क्रॉसिंग के नीचे है सुरंग
इजरायल सेना के प्रवक्ता व लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने मीडिया को दी जानकारी में बताया है कि हमास टनल करेम शालोम क्रॉसिंग के नीचे फैला हुआ है। 2014 से लेकर अब तक वहां पर डेढ़ करोड़ टन से अधिक खाद्य सामग्री, कपड़े, निर्माण सामग्री अन्य जरूरत की वस्तुएं को गाजा की ओर स्थानांतरित किया जा चुका है। आपको बता दूं कि 2007 में जब से गाजा पट्टी में सत्ता में आई तब से इजारायल और मिस्र सीमा पर सतकर्तता बरत रहे हैं। वहां पर तभी से ब्लॉकेड की स्थिति बरकरार है। यह टनल रफाह शहर के पूर्व से शुरू होता है। गाजा स्ट्रिप से होते हुए इजरायल की सीमा के अंदर 180 मीटर होकर गुजरता है। उससे आगे सुरंग मिस्र में भी जारी रहता है। अभी तक इस सुरंग के एग्जिट प्वाइंट की पहचान संभव नहीं हो पाई है।

येरुशलम को लेकर है दोनों के बीच तनाव
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 दिसंबर को येरुशलम को इजरायल की राजधानी घोषित की थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थित है। फलस्तीन येरुशलम को इजरायल की राजधानी बनाने का हमेशा से विरोध करता आया है। वह इस पर भी अपना दावा ठोकता है। जबकि इजरायल भी दशकों से येरुशलम को राजधानी बनाने पर अड़ा है। अमरीकी राष्ट्रपति के इस घोषणा की वैश्विक स्तर पर एकतरफा कार्रवाई माना गया।

 

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