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UNGA में पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर राग, शांति बहाली के नाम पर भारत से बातचीत के लिए लगाई गुहार

locationजयपुरPublished: Sep 24, 2022 08:08:28 am

Submitted by:

Swatantra Jain

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान भारत समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांति कायम करने का इच्छुक है। न्यूयॉर्क में 77वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए, प्रीमियर ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ "दीर्घकालिक" शांति चाहता है जो कि जम्मू और कश्मीर समस्या के "न्यायसंगत और स्थायी" समाधान के माध्यम से ही संभव है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।

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दुनिया भर में आतंकियों को पनाह देने वाले देश के रूप में मशहूर हो चुके पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि हम भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहते हैं। जी-7 देशों की एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शुमार देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान शरीफ ने पाकिस्तान के पुराने रवैये को दोहराते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है। पाकिस्तान के भीतर की दिक्कतों और परेशानियों को ताक पर रखते हुए शहबाज शरीफ को कश्मीर याद आया है। भारत के अभिन्न अंग कश्मीर का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ ने न्यायसंगत और स्थायी समाधान निकालने की अपील की।
केवल शांतिपूर्ण संवाद से ही समाधान संभव
शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत इस संदेश को समझे कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। युद्ध कोई विकल्प नहीं है, केवल शांतिपूर्ण संवाद ही मुद्दों को हल कर सकता है ताकि आने वाले समय में दुनिया और अधिक शांतिपूर्ण हो जाए।
भारत उठाए रचनात्मक कदम
"भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए सक्षम वातावरण बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए," पीएम ने कहा, "15 अगस्त 2019 के अपने अवैध कदमों को उलट कर शांति और संवाद के मार्ग पर चलने के लिए अपनी ईमानदारी और इच्छा का प्रदर्शन करना चाहिए, और आगे-साथ, जनसांख्यिकीय परिवर्तन की प्रक्रिया को समाप्त करना चाहिए।" प्रधान मंत्री ने कहा कि कश्मीरियों को भारतीय बलों के हाथों गैर-न्यायिक हत्याओं, कैद, हिरासत में यातना और मौत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह कहना जारी रखा कि भारत कश्मीर - एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र - को हिंदू-बहुल क्षेत्र में बदलना चाहता है।
कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा पाकिस्तान

यह उम्मीद करते हुए कि विश्व निकाय और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने के लिए भारत से आग्रह करने में अपनी भूमिका निभाएंगे, पीएम शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ तब तक खड़ा रहेगा जब तक कि उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार पूरी तरह से महसूस नहीं किया जाता है।
मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, 1947 के बाद से हमने 3 युद्ध किए हैं और इसके परिणामस्वरूप दोनों तरफ केवल दुख, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। अब यह हम पर निर्भर है कि हम अपने मतभेदों, अपनी समस्याओं और अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें। भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं और हमेशा के लिए हैं, चुनाव हमारा है कि हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें।
शरीफ ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि नई दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सैन्य तैनाती को बढ़ा दी है। जिसके बाद से यह दुनिया में सबसे अधिक सैन्यीकृत क्षेत्र बन गया है। पाकिस्तानी जनता हमेशा से पूरी एकजुटता के साथ कश्मीरियों के साथ खड़ी रही है और आगे भी समर्थन करती रहेगी। उन्होंने कहा, मैंने विश्व मंच को आश्वासन दिया है कि हम पाकिस्तान में दक्षिण एशिया में शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं। भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
संबंध के लिए आतंक मुक्त वातावरण चाहता है भारत

बता दें कि भारत पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया से यह बात बार-बार कहते आया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और आगे भी रहेगा। जहां तक पाकिस्तान के संबंध को लेकर है तो नई दिल्ली कई बार यह संदेश दे चुका है कि वह आतंक, शत्रुता, भय से मुक्त वातावरण में पड़ोसी संबंध चाहता है। लेकिन पाकिस्तान है कि वो लगातार अपने यहां आतंकियों को पनाह देता आया है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाे जाने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध पूरी तरह से खत्म हो गए हैं।

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