scriptTrump Search Warrant: FBI seizes 11 set of Top Secret files from Trump | Trump Search Warrant: एफबीआई ने ट्रंप के मार-ए-लागो आवास से जब्त की Top Secret फाइलें, हो सकती है 5 साल की सजा | Patrika News

Trump Search Warrant: एफबीआई ने ट्रंप के मार-ए-लागो आवास से जब्त की Top Secret फाइलें, हो सकती है 5 साल की सजा

अमरीकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। उनके आवास से एफबीआई की छापेमारी के दौरान टॉप सीक्रेट के रूप में वर्गीकृत दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिसका बरामद होना अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा और कानूनन अपराध माना जाता है। अगर ये आरोप सिद्ध तो ट्रंप राष्ट्रपति को दौड़ से तो बाहर हो ही जाएंगे साथ ही उन्हें 5 साल तक की सजा हो सकती है।

जयपुर

Published: August 13, 2022 07:41:39 am

अमरीकी की फेडरल एजेंसी ने उस वारंट को सार्वजनिक कर दिया है, जिसके आधार पर अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के घर पर तलाशी ली गई थी। इस तलाशी वारंट के अनुसार, एफबीआई ने इस सप्ताह फ्लोरिडा में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की संपत्ति की तलाशी के दौरान वहां 11 सेट गोपनीय फाइलें जब्त की हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह वारंट को सार्वजनिक किए जाने का स्वागत करते हैं। बता दें, यह पहली बार था जब किसी आपराधिक जांच में किसी पूर्व राष्ट्रपति के घर की तलाशी ली गई थी। यहां तक की भारत में आज तक पूर्व राष्ट्रपति के घर पर इस तरह से किसी जांच एजेंसी ने छापेमारी नहीं की है।
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फाइलों पर लिखा दर्ज है "TS/SCI"

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जो फाइलें जब्त की गई हैं उनकों "TS/SCI" चिह्नित फ़ाइलें शामिल हैं, जो
टॉप सीक्रेट सामग्री के लिए लिखा जाता है, जिसका आशय है ऐसी सामग्री जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को "असाधारण रूप से गंभीर" नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं ट्रम्प ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा कि वस्तुओं को अवर्गीकृत किया गया था।
न्याय विभाग ने दी वारंट को सार्वजनिक करने की अनुमति

बता दें, एक न्यायाधीश द्वारा शुक्रवार दोपहर को सात-पृष्ठ के दस्तावेज़ को अनसील करने के बाद उन वस्तुओं की सूची सार्वजनिक की गई, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति के पाम बीच स्थित निवास मार-ए-लागो पर अभूतपूर्व छापेमारी को अधिकृत करने वाला वारंट भी शामिल था। न्याय विभाग ने एक अदालत से गुरुवार को इसे सार्वजनिक करने के लिए कहा था, जो चल रही जांच के बीच एक दुर्लभ उदाहरण माना जाता है। इसे सोमवार, 8 अगस्त को किए जाने से तीन दिन पहले 5 अगस्त को ही एक न्यायाधीश द्वारा अनुमोदित किया गया था।
टॉप सीक्रेट भी हैं 4 फाइलें

इसमें कहा गया है कि सोमवार को 20 से अधिक बक्सों में मौजूद सामग्री जांच के दौरान जब्त की गई, जिनमें तस्वीरों की एक बाइंडर, एक हस्तलिखित नोट, "फ्रांस के राष्ट्रपति" के बारे में अनिर्दिष्ट जानकारी और लंबे समय से ट्रम्प सहयोगी रोजर स्टोन की ओर से लिखा गया एक क्षमादान पत्र शामिल है। साथ ही शीर्ष गुप्त दस्तावेज़ों के चार सेट, सूची में "गुप्त दस्तावेज़" के तीन सेट और "गोपनीय" दस्तावेज़ों के तीन सेट शामिल हैं।
यहाँ पढ़ सकते हैं ट्रंप के आवास का सर्च वारंट

एस्पिनोज एक्ट का उल्लंंघन
वारंट इंगित करता है कि एफबीआई एजेंट जासूसी अधिनियम (एस्पिनोज एक्ट) के संभावित उल्लंघनों को देख रहे थे, जो संभावित खतरनाक राष्ट्रीय सुरक्षा जानकारी को रखना या प्रसारित करना अवैध बनाता है।
कानूनन वर्गीकृत दस्तावेजों या सामग्रियों को हटाया जाना कानून द्वारा निषिद्ध है। इसके सिद्ध होने पर ट्रम्प को पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इस तरह से ट्रंप जो पहले ही कई जांचों का सामना कर रहे हैं, की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
निजी अतिथि सुइट नहीं किए गए सर्च

वारंट में कहा गया है कि मार-ए-लागो में सर्च किए गए स्थानों में "45 कार्यालय" नामक एक क्षेत्र और भंडारण कक्ष शामिल हैं, लेकिन इसमें ट्रम्प और उनके कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जा रहे निजी अतिथि सुइट नहीं रहे हैं।
ट्रंप ने जारी किया बयान

हालांकि, अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर जारी एक बयान में, ट्रम्प ने कहा है कि बरामद किए गए सामान "सभी अवर्गीकृत" थे और सुरक्षित रूप से संग्रहित किए गए थे। उन्होंने कहा कि तलाशी वारंट जारी होने से पहले वह सामान सौंपने को तैयार थे।
"उन्हें कुछ भी 'जब्त' करने की ज़रूरत नहीं थी," उन्होंने कहा। "वे इसके लिए राजनीति को बीच में लाए बिना और मार-ए-लागो में घुसे बिना इसे कभी भी प्राप्त कर सकते थे।"
राष्ट्रपति को दस्तावेजों को डिक्लासीफाइ करने का हक
बता दें, ट्रम्प के समर्थक कानूनी रूप से बहस का मामला बना रहे हैं कि राष्ट्रपति के रूप में उनके पास कार्यालय छोड़ने से पहले सभी बरामद दस्तावेजों को डीक्लासिफाई करने का अधिकार था, और उन्होंने ऐसा किया।
कानूनी विशेषज्ञों ने अमरीकी मीडिया को बताया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह तर्क अदालत में टिकेगा या नहीं। पहले न्याय विभाग में काम कर चुके एक वकील टॉम डुप्री ने बीबीसी को बताया, "राष्ट्रपति जानकारी को सार्वजनिक कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एक प्रक्रिया का पालन करना होगा।" "उन्हें फॉर्म भरना होगा। उन्हें कुछ प्राधिकरण देना होगा। वे केवल यह नहीं कह सकते कि ये दस्तावेज अवर्गीकृत हैं। उन्हें एक प्रक्रिया का पालन करना होगा

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