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रूस-यूक्रेन युद्ध पर गुपचुप तरीके से लग सकता है विराम, पुतिन ने जताई इच्छा

locationनई दिल्लीPublished: Dec 24, 2023 09:49:02 am

Submitted by:

Tanay Mishra

Russia-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में एक इच्छा जताई है जो रूस-यूक्रेन युद्ध से जुडी हुई है। क्या है पुतिन की वो इच्छा? आइए जानते हैं।

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Russian President Vladimir Putin

रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच 24 फरवरी, 2022 को शुरू हुए युद्ध को 22 महीने पूरे हो गए हैं। रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के आदेश पर रुसी सेना ने यूक्रेन पर कब्ज़ा करने के इरादे से हमला किया था और तभी से युद्ध जारी है। हालांकि इतने समय में भी पुतिन यूक्रेन पर कब्ज़ा नहीं कर पाए। रुसी सेना ने यूक्रेन में काफी कहर बरपाया है और इस युद्ध की वजह से यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, पर रूस और रुसी सेना को भी इस युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। साथ ही यूक्रेनी सेना कई इलाकों से रुसी सेना को खदेड़ भी चुकी है। ऐसे में जो पुतिन पहले जीत तक युद्ध रखने की चेतावनी दे रहे थे, अब उनके सुर बदल गए हैं। पुतिन ने अब एक इच्छा जताई है।


क्या है पुतिन की इच्छा?

पुतिन ने सार्वजनिक रूप से यह इच्छा नहीं जताई है, पर सूत्रों के अनुसार पुतिन अब रूस-यूक्रेन युद्ध पर विराम लगाना चाहते हैं। और वो भी गुपचुप तरीके से। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। रूस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और दूतों के अनुसार पुतिन मध्यस्थों के ज़रिए अब इस युद्ध पर विराम लगाना चाहते हैं। हालांकि पुतिन इस बात पर अडिग रहेंगे या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। साथ ही इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता कि यूक्रेन रूस की ओर से कब्ज़े में लिए यूक्रेनी इलाकों को वापस लिए बिना युद्ध विराम के लिए सहमत होगा या नहीं। हालांकि पुतिन की यह इच्छा लंबे समय से चल रहे इस युद्ध पर विराम लगा सकती है।

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क्या हो सकती है पुतिन की इस इच्छा की वजह?

यूक्रेन के खिलाफ युद्ध से रूस को भी नुकसान पहुंचा है। जिस यूक्रेन पर पुतिन कुछ दिनों में ही कब्ज़ा कर लेना चाहते थे, उस काम में पुतिन को अभी भी कामयाबी नहीं मिली है। इस वजह से पुतिन और रूस की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं, युद्ध की वजह से रूस में पुतिन की लोकप्रियता भी गिरी है और उनके खिलाफ विरोध बढ़ा है। रूस में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और पुतिन जानते हैं कि इस युद्ध की वजह से हुए नुकसान का असर पुतिन के चुनावी अभियान पर भी पड़ सकता है। पुतिन चुनाव से संबंधित जोखिम नहीं लेना चाहेंगे। ऐसे में युद्ध को रोकना उन्हें एक से ज़्यादा तरीकों से फायदा पहुंचा सकता है।

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