कई देशों में सियासी उथल-पुथल, थाइलैंड में राजा और प्रधानमंत्री के खिलाफ जनता सडक़ों पर उतरी

-माली में कोरोनाकाल का पहला तख्तापलट, बेलारूस और लेबनान में भी गिरी सरकारें
-थाइलैंड में 1932 से अब तक 12 बार तख्तापलट हो चुका है।

By: pushpesh

Updated: 24 Aug 2020, 12:19 AM IST

महामारी के बीच पश्चिम अफ्रीकी देश माली की सरकार का तख्तापलट हो गया। देश में कई हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे। हिरासत में लिए जाने के बाद माली के राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबाकर कीता ने इस्तीफा दे दिया। ये कोरोना युग का पहला तख्तापलट कहा जा सकता है। कुछ ऐसे ही हालात थाइलैंड में बन रहे हैं। यहां राजा वजीरालॉन्गकोर्न और प्रधानमंत्री प्रयुत के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। अन्य कई देशों में भी विरोध की ऐसी आग भडक़ी है।

लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण विस्फोट के बाद विरोध बढ़ा तो प्रधानमंत्री हसन दियाब को इस्तीफा देना पड़ा। आर्थिक संकट से त्रस्त लेबनान में बेरूत धमाके ने आग में घी का काम किया। उधर बेलारूस में इसी माह हुए चुनाव में भारी मतों से जीतने के बावजूद राष्ट्रपति लुकाशेंको के खिलाफ जनता सडक़ों पर उतर आई। लोगों का आरोप है कि उन्होंने धांधली की।

सैन्य दमन और आर्थिक मंदी से बदहाल
थाइलैंड में संविधान में संशोधन और प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओ चा के इस्तीफे की मांग को लेकर लोग सडक़ों पर उतर आए। प्रयुत 2014 में तख्तापलट के बाद सत्ता में आए थे। सैन्य दमन, रोजगार और आर्थिक मंदी को लेकर देश में असंतोष है। सत्ता में अनावश्यक दखल के चलते राजा वजीरालॉन्गकोर्न को लेकर भी गहरी नाराजगी है। आरोप है कि राजा संपत्ति बढ़ाने और ऐशो आराम में पूंजी लुटा रहे हैं। उनके पिता राजा भूमिबोल अदुल्यादेज ने सात दशक तक देश पर शासन किया था।

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