Devshayani ekadashi 2019: भगवान विष्णु के सामने जरूर करें ये प्रार्थना, पूरी होगी हर मनोकामना

इस प्रार्थना से पूरी होगी मनोकामना

By: Tanvi

Updated: 07 Jul 2019, 02:31 PM IST

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी ( devshayani ekadashi 2019 ) 12 जुलाई को आ रही है। श्री हरी इस दिन से चार माह के लिए सो जाएंगे और इसी के साथ सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। देवशयनी एकादशी ( devshayani ekadashi ) का व्रत भगवान विष्णु के निमित्त रखा जाएगा और विष्णु जी का पूजन भी पूरे विधि विधान से किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार इस दिन से चातुर्मास भी प्रारंभ हो जाता है।

देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है। पुराणों में इससे जुड़ी एक कथा भी है जिसके अनुसार विष्णु जी चार महीने के लिए सोने चले जाते हैं। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की इस एकादशी का व्रत, पूजन और सच्चे मन से प्रार्थना करता है, भगवान विष्णु ( bhagwan vishnu ) से मांगी हुई हर मनोकामना पूरी जल्द पूरी होती है।

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devshayani ekadashi 2019

शयन से पहले भगवान विष्णु की इस विधि से करें पूजा

देवशयनी एकादशी के दिन भगवान नारायण कि मूर्ति, जिसमे चारों भुजाएं, जिसमे शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित हो, उसे पीले वस्त्र धारण कराकर, मूर्ति के आकार वाले सुंदर पलंग पर लिटाकर पंचामृत और शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद षोडशोपचार विधि से पूजन करें।

इस प्रार्थना से पूरी होगी मनोकामना

'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जमत्सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत्सर्व चराचरम्।।'
हे! जगन्नाथ आप के सो जाने पर यह संपूर्ण जगत सो जाता है और आप के जागृत होने यह संपूर्ण चराचर जगत भी जागृत रहता है। इस प्रकार निवेदन करते हुए भगवान विष्णु को प्रणाम करें।

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एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये काम

- इस दिन किसी पेड़-पत्ती की फूल-पत्ती नहीं तोड़ना चाहिए, इसे वर्जित माना जाता है।
- इस दिन लहसुन, प्याज का सेवन करना भी वर्जित होता है, ऐसा ना करें वरना दो, लगता है।
- इस दिन उपवास करें या ना करें, पूरी तरह से ब्रह्माचर्य का पालन करें।
- एकादशी को बिस्तर पर नहीं, जमीन पर सोना चाहिए।
- इस दिन मांस और नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
- एकादशी के दिन झूठ नहीं बोलें, इससे पाप लगता है। झूठ बोलने से मन दूषित हो जाता है और दूषित भक्ति से पूजा नहीं की जाती है।
- एकादशी के दिन भूलकर भी क्रोध नहीं करें।

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