नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के इस स्वरुप को चढ़ाएं दूध, हर इच्छा होगी पूरी

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के इस स्वरुप को चढ़ाएं दूध, हर इच्छा होगी पूरी

Tanvi Sharma | Publish: Oct, 12 2018 11:32:42 AM (IST) पूजा

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के इस स्वरुप को चढ़ाएं दूध का प्रसाद, हर इच्छा होगी पूरी

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरुप की आराधना की जाती है। मां अंबे की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा सौम्य और विनम्रता स्वरुप में भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा करने से साधक को वीरतास निर्भयता और सौम्यता प्राप्त होती है। वहीं मां चंद्रघंटा की कृपा से भक्त को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन प्राप्त होते हैं। इनका स्मरण करने से भक्त को दिव्य सुगंध और आवाजों का आभास होने लगता है। लेकिन इस समय भक्त को बहुत ही सचेत रहने की आवश्यकता होती है।

ऐसा है मां चंद्रघंटा का स्वरुप

मां चंद्रघंटा का तेज स्‍वर्ण के समान है। इसीलिए मां चंद्रघंटा की उपासना करने से भक्‍तों को तेज और ऐश्‍वर्य प्राप्त होता है। मां के घंटे की ध्‍वनि अपने भक्‍तों को सभी प्रकार की प्रेतबाधाओं से दूर रखती है। देवी के इस स्वरुप में उनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है, इसी के कारण देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। देवी के दस हाथ हैं, वे खड्ग और अन्य अस्त्र-शस्त्र से सुशोभित हैं। सिंह पर सवार देवी की मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने की है। इसके घंटे सी भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव-दैत्य और राक्षस कांपते रहते हैं।

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इस दिन पहने कौन से रंग के कपड़े और क्या चढ़ाएं प्रसाद

देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। इसके अलावा मां सफेद चीज का भोग जैसै दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है।

इस विधि से करें मां चंद्रघंटा की पूजा

मां चंद्रघंटा को लाल फूल चढ़ाएं, लाल सेब और गुड़ चढाएं, घंटा बजाकर पूजा करें, ढोल और नगाड़े बजाकर पूजा और आरती करें, शुत्रुओं की हार होगी। इस दिन गाय के दूध का प्रसाद चढ़ाने का विशेष विधान है। इससे हर तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है। देवी चंद्रघंटा शांतिदायक और कल्याणकारी है।

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