सावन में राशि के अनुसार करें ज्योतिर्लिंग की पूजा, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा

सावन में राशि के अनुसार करें ज्योतिर्लिंग की पूजा, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा

Devendra Kashyap | Updated: 14 Jul 2019, 12:03:57 PM (IST) पूजा

Sawan 2019 : सावन महीने में राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंग की पूजा-पाठ करें तो मिलने वाला फल और भी फलदायी हो जाता है

17 जुलाई से सावन महीना ( month of sawan ) का शुरुआत हो रहा है। सावन महीना में भगवान शिव की पूजा का महत्ता है यदि हम अपनी राशि ( zodiac ) के अनुसार पूजा-पाठ करें तो मिलने वाला फल और भी फलदायी हो जाता है। उसी प्रकार भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों ( 12 jyotirlingas )में से हर राशि के अपने इष्ट देवता एक ज्योतिर्लिंग हैं। ज्योतिष के अनुसार यदि हम राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंग ( jyotirlingas ) की पूजा करते हैं तो अधिक और जल्द पुण्य की प्राप्ति होती है।

ये भी पढ़ें- सावन महीने में ना करें ये 5 काम, नहीं तो भोलेनाथ हो जाएंगे नाराज

ज्योतिर्लिंग की पूजा के लिए जरुरी नहीं है कि हम उस स्थान पर जाएं और पूजा करें, आप कहीं भी रहकर अपने राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंग की पूजा आप किसी भी शिव मंदिर में जाकर अपने इष्ट ज्योतिर्लिंग को ध्यान में रखकर कर सकते हैं। आइए जानते हैं राशि के अनुसार किस ज्योतिर्लिंग की पूजा आपके लिए सर्वाधिक लाभदायक होगी...

मेष राशि

मेष राशि वाले जातक 12 ज्योतिर्लिंगों में पहले ज्योतिर्लिंग की पूजा करें। पहले ज्योतिर्लिंग हैं सोमनाथ जी। सावन के सोमवार में मेष राशि में जन्मे लोगों को इनका ध्यान और पूजन करना बहुत लाभदायक रहेगा। अत्यधिक लाभ के लिए आप ‘ह्रीं ओम नमः शिवाय ह्रीं’ मंत्र का जाप करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वाले जातकों को दूसरे ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। दूसरे ज्यतिर्लिंग भगवान मल्लिकार्जुन शैल पर्वत पर स्थित हैं। सौभाग्य प्राप्ति के लिए पूरे सावन व प्रति सोमवार को आप पूजा करना अच्छा माना जाता है। अधिक लाभ के लिए ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले जातकों को तीसरे ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी लाभप्रद साबित होगी। तीसरे ज्योतिर्लिंग हैं महाकालेश्वर। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तीसरी राशि मिथुन को सावन माह में महाकालेश्वर की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। अत्यधिक लाभ के लिए ‘ओम नमो भगवते रूद्राय’ मंत्र का जाप करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वाले जातक सावन माह में सोमवार के दिन चौथे ज्योतिर्लिंग यानी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करें। आपके लिए शुभकारी रहेगा। ओंकारेश्वर का ध्यान-पूजन करने के साथ-साथ ‘ओम हौं जूं सः’ मंत्र का जाप करें, अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि वाले जातक सोमवार व सावन माह में वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा-अर्चना करें। वैद्यानाथ पर अन्य पूजा सामग्री के साथ ही भांग, धतूरा चढ़ाने से और ‘ओम त्र्यंबकं यजामहे सुगंधि पुष्टिवर्धनम। उर्वारूकमिव बन्ध्नान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।’ विशेष लाभ मिलता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का ध्यान करना चाहिए। महाराष्ट्र की भीमा नदी के किनारे स्थित ज्योतिर्लिग की कृपा से दुख मुसीबतें दूर हो जाती है। सावन माह या सोमवार के दिन दूध में घी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं और ‘ओम नमो भगवते रूद्राय’ मंत्र का जाप करें।

तुला राशि

तुला राशि वाले जातकों को रामेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। यह ज्योतिर्लिंग आपकी राशि के लिए काफी शुभफलदायी है। आप दूध में मीठे बताशे मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराते समय इनका ध्यान करें। साथ ही ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वाले जातकों को नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना लाभदायक रहेगा। ज्योतिर्लिंग की पूजा करने के लिए आप दूध, धान की खील (लावा) से शिवलिंग को स्नान भोग कराएं और बेलपत्र शिवलिंग को अर्पित करें। अत्यधिक लाभ के लिए ‘ह्रीं ओम नमः शिवाय ह्रीं’ मंत्र का जाप करें।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का पूजन करना चाहिए। आप शिवलिंग पर गंगाजल में केसर मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं और विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का ध्यान करें। इसी के साथ ‘ओम तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रूद्रः प्रचोदयात।’ मंत्र का जाप करें।

मकर राशि

मकर राशि वाले जातकों को भगवान शिव के त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का पूजन करना चाहिए। यह ज्योतिर्लिंग नासिक में स्थित है। पूजन करने के लिए आप गंगाजल में गुड़ मिलाकर शिवजी का अभिषेक करें और ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातक केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का पूजन करें। आप किसी भी शिव मंदिर में शिवलिंग का पूजन पंचामृत, कमल के फूल और धतूरा से करते हुए केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का ध्यान करें। साथ ही ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

मीन राशि

मीन राशि के जातक घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का ध्यान व पूजा करें। भगवान घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित हैं। आप शिवलिंग पर गाय का घी और शहद अर्पित करते हुए मन ही मन इनका ध्यान करते रहें और ‘ओम तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रूद्र प्रचोदयात’ मंत्र का जाप करें।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned