आज जलझूलनी ग्यारस पर इन मुहूर्त में करें कोई भी काम, हर हाल में सफल होंगे

Sunil Sharma

Publish: Sep, 02 2017 09:07:00 (IST)

Worship
आज जलझूलनी ग्यारस पर इन मुहूर्त में करें कोई भी काम, हर हाल में सफल होंगे

एकादशी तिथि में यथा आवश्यक विवाहादि मांगलिक कार्य, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, प्रतिष्ठा, व्रतोपवास आदि कार्य शुभ होते हैं

एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि प्रात: ९.३८ तक, तदुपरान्त द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि रहेगी। एकादशी तिथि में यथा आवश्यक विवाहादि मांगलिक कार्य, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, प्रतिष्ठा, व्रतोपवास आदि कार्य शुभ होते हैं। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर, विवाह व मांगलिक कार्यादि शुभ कहे गए हैं।

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र प्रात: ७.२५ तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र रहेगा। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में देवस्थापन, विभूषित करना, गृहारम्भ, यात्रा, प्रवेश, बीजादिरोपण तथा अन्य विवाहादि मांगलिक कार्य करने योग्य हैं।

योग: सौभाग्य नामक शुभ योग रात्रि ३.२५ तक, तदन्तर शोभन नामक शुभ योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग प्रात: ७.२५ तक, त्रिपुष्कर नामक शुभाशुभ योग प्रात: ९.३८ से अगले दिन प्रात: ९.३७ तक है। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण प्रात: ९.३८ तक, इसके बाद बवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-१०
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : भाद्रपद।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: आज जलझूलनी एकादशी है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विवाह (द्विगर्त प्रदेशीय) गृहारम्भ (च.शु.स.), विपणि-व्यापारारम्भ व जलवा आदि के शुभ
मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ७.४४ से प्रात: ९.१८ तक शुभ तथा दोपहर १२.२७ से सायं ५.०९ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०१ से १२.५१ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज जलझूलनी एकादशी व्रत सबका, परिवर्तनी एकादशी, श्रीवामन जयंती, मेला चारभुजानाथ राजसमन्द (राज. में) तथा ईदुलजुहा (बकरीद) (मु.) आदि व्रतोत्सव हैं। चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर बाद २.०१ तक धनु राशि में, तदन्तर मकर राशि में रहेगा।

दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज दोपहर बाद २.०१ तक चन्द्रमा धनु राशि में, इसके बाद मकर राशि में है। धनु राशि के चन्द्रमा का वास पूर्व दिशा में इसके बाद मकर राशि के चन्द्रमा का वास दक्षिण दिशा में रहेगा। सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला व दाहिना चन्द्रमा सुखदायक माना गया है।

राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (भे, भो, ज, जी, खि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर बाद २.०१ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि धनु तथा इसके बाद जन्मे जातकों की राशि मकर है। इनका जन्म पाया ताम्र है। सामान्यत: ये जातक माता-पिता--गुरु इत्यादि का सेवक, परोपकारी, होशियार, चतुर, बहादुर तथा मान-सम्मान पाने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३१वें वर्ष में होता है। धनु राशि वाले जातकों का आज का दिन लाभदायक व शुभप्रद रहेगा। स्थान परिवर्तन हो सकता है।

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