आज इन कार्यों के लिए बने हैं शुभ योग, होगा सभी को फायदा

Sunil Sharma

Publish: Aug, 29 2017 11:56:00 (IST)

Worship
आज इन कार्यों के लिए बने हैं शुभ योग, होगा सभी को फायदा

ज्येष्ठा नक्षत्र में कठिन, भेद-प्रहार, शत्रुवध आदि विषयक कार्य सिद्ध होते हैं, ज्येष्ठा गंडान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है

अष्टमी जया संज्ञक तिथि रात्रि २.५३ तक, तदन्तर नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। अष्टमी तिथि में मनोरंजन के कार्य, रत्न, अलंकार, प्रतिष्ठा, वास्तु, विवाहादि मांगलिक और शस्त्र सम्बंधी कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। नवमी तिथि में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं होते।

नक्षत्र: अनुराधा ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि १०.५७ तक, इसके बाद ज्येष्ठा ‘तीक्ष्ण व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। अनुराधा नक्षत्र में विवाह, जनेऊ, यात्रा, वस्त्रालंकार तथा अन्य चर-स्थिर कार्य करने चाहिए। ज्येष्ठा नक्षत्र में कठिन, भेद-प्रहार, शत्रुवध आदि विषयक कार्य सिद्ध होते हैं। ज्येष्ठा गंडान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इस नक्षत्र में जन्मे जातकों की मूल शांति करा देनी चाहिए।

योग: वैधृति नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि १२.३५ तक, इसके बाद विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग प्रारम्भ हो जाएगा। वैधृति में समस्त शुभ कार्य वर्जित हैं। विशिष्ट योग: रात्रि १०.५७ से दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रहेगा। दोष नाशक रवियोग शुभकार्यारंभ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण दोपहर बाद १.४५ तक, इसके बाद बवादि चर संज्ञक करण प्रारम्भ हो जाएंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-६
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : भाद्रपद।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज अनुराधा नक्षत्र में विवाह द्विगर्त प्रदेशीय का भद्रा व वैधृति दोषयुक्त अतिआवश्यकता में यथाआवश्यक अशुद्ध मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ९.१८ से दोपहर बाद २.०३ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न ३.५७ से सायं ५.१२ तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०२ से दोपहर १२.५३ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज दुर्गाष्टमी, राधाष्टमी व्रत, वैधृति पुण्यं, महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ, भौमाष्टमी, श्री दधीचि जयंती, मेला भर्तृहरि तीन दिन का अलवर राज. तथा रष्ट्रीय खेल दिवस है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि वृश्चिक राशि में रहेगा। दिशाशूल: मंगलवार को वैसे उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज वृश्चिक राशि के चन्द्रमा का वास उत्तर दिशा में ही रहेगा, जो उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख होगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभप्रद माना गया है। राहुकाल: अपराह्न ३.०० से सायं ४.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (नू,ने,नो,या,यी) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि वृश्चिक तथा जन्म ताम्रपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक साहसी, अत्यंत चपल, कुछ निष्ठुर, क्रोधी, चंचल चित्त वाले, खर्चीले, विषयी, आलोचक, थोड़े अहंकारी पर धनवान होते हैं। इनके १३-२७-३१ व ४९वां वर्ष स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे नहीं होते। भाग्योदय कुछ विलम्ब से होता है। वृश्चिक वाले जातकों को आज यात्रा में सावधानी रखनी चाहिए। परिवार में किसी विषय को लेकर मतभेद उभर सकते हैं।

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