इस शुक्रवार को करें मां दुर्गा की पूजा और इन मंत्रों का करें जाप, मिलेगा लाभ

Tanvi Sharma

Publish: Jun, 14 2018 01:24:06 PM (IST)

पूजा
इस शुक्रवार को करें मां दुर्गा की पूजा और  इन मंत्रों का करें जाप, मिलेगा लाभ

इस शुक्रवार को करें मां दुर्गा की पूजा और इन मंत्रों का करें जाप, मिलेगा लाभ

शुक्रवार को मां दुर्गा के सभी रुपों की पूजा का विधान है। इस शुक्रवार को दूर्गा के पूजन के लिए सबसे पहले एक आसन पर मां दूर्गा की मूर्ति रखें उसके बाद मां की मूर्ति में उनके सभी रूपों का आवाहन करें। मूर्ति में आवाहन करने के बाद जल और पंचामृत से मूर्ति को स्नान कराएं, त्तपश्चात देवी को वस्त्र अर्पित करें और आभूषण व लाल गुड़हल के पुष्प माला पहनाएं देवी को लाल फूल में गुड़हल सबसे प्रिय होता है। इस सब के बाद देवी को इत्र, कुमकुम और अष्टगंध अर्पिच करें। उसके बाद मां दुर्गा को धूप व दीप अर्पित करें। मां दूर्गा की पूजा में दूर्वा के प्रयोग से मां दुर्गा प्रसन्न होती है।

 

DURGA

दुर्गा सप्तशती के इन सिद्ध मंत्रों का जाप करने से इस प्रकार के लाभ मिलते हैं।

शक्ति की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का करें जाप- सृष्टि स्तिथि विनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रेय गुणमये नारायणि नमो स्तुते।

आपत्‍ति से उबरने के लिए सहायक है ये मंत्र- शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमो स्तुते।

भय से मुक्‍ति के लिए इस मंत्र का करें- सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्तिमन्विते। भये भ्यस्त्राहि नो देवी दुर्गे देवी नमो स्तुते।

पाप के नाश करने के लिए इस मंत्र का जाप- हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत्। सा घण्टा पातु नो देवी पापेभ्यो नः सुतानिव।

रोग से मुक्‍ति के लिए मंत्र- रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभिष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्माश्रयतां प्रयान्ति।

 

DURGA

दुर्गा सप्तशती के सिद्ध-मंत्र का जाप करने से आपको अच्छे फल की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा को नमन करते हुए उनके चरणों में अपने आप को समर्पित करते हुए उनके सिद्ध मंत्रों का जाप करना जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होती है व अपने भक्तों की मुरादें पूरी करती है। दुर्गा सप्तशती के मंत्र विभिन्न प्रकार की इच्छाओं पर निर्भर करती है और आपको बता दें की इन मंत्रों को कम से कम 11, 21, 51 अथवा 108 बार जाप करना चाहिए।

आरती की तैयारी

मां दूर्गा की पूजा के बाद उनकी श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक तैयार करके आरती करें। आरती के बाद माता को भोग लगाए और पूजा में नारियल अवश्‍य शामिल करें। चढ़ाने के कुछ समय बाद नारियल फोड़ कर प्रसाद सभी में प्रसाद बांटे।

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