आज मृगशिरा नक्षत्र में इनमें से करें कोई भी एक काम, हो जाएंगे वारे-न्यारे

Sunil Sharma

Publish: Sep, 13 2017 09:23:00 (IST)

Worship
आज मृगशिरा नक्षत्र में इनमें से करें कोई भी एक काम, हो जाएंगे वारे-न्यारे

अष्टमी जया संज्ञक तिथि रात्रि १०.४८ तक, तदुपरान्त नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी

अष्टमी जया संज्ञक तिथि रात्रि १०.४८ तक, तदुपरान्त नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। अष्टमी तिथि में युद्ध, शिल्प, लेखन, मनोरंजन, रत्नपरीक्षा, शस्त्र धारण आदि विषयक कार्य और नवमी तिथि में जुआ, मद्य निर्माण, आखेट व बंधनादि विषयक कार्य प्रशस्त हैं।

नक्षत्र: रोहिणी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र प्रात: ६.२८ तक, इसके बाद अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: ५.०० बजे तक मृगशिरा ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र रहेगा। तदुपरान्त आद्र्रा ‘तीक्ष्ण व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। मृगशिरा नक्षत्र में ललित कार्य और अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं।

योग: वज्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग प्रात: ६.५९ तक, इसके बाद अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: ४.०५ तक सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग तदुपरान्त व्यतिपात नामक बाधाकारक अशुभ योग होगा। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभाशुभ अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: ५.०० बजे तक है। करण: बालव नामकरण पूर्वाह्न ११.५५ तक, इसके बाद कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-२१
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : आश्विन।
पक्ष : कृष्ण।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज मृगशिरा नक्षत्र में हलप्रवहण का शुभ मुहूर्त है। अन्य किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ९.१९ तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न १०.५१ से दोपहर १२.२३ तक शुभ तथा अपराह्न ३.२७ से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में ग्राह्य नहीं है।

व्रतोत्सव: आज अष्टमी का श्राद्ध, कालाष्टमी। महालक्ष्मी व्रत समाप्त। चन्द्रमा: चन्द्रमा सायं ५.४४ तक वृष राशि में, तदन्तर मिथुन राशि में रहेगा। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: आज दोपहर बाद २.३५ पर सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण-पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: दोपहर १२.०० से दोपहर बाद १.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (वे, वो, क, कि, कू, घ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। सायं ५.४४ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृष व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि मिथुन होगी। अंतरात्रि ५.०० बजे तक जन्मे जातकों का जन्म स्वर्णपाद से हुआ है। सामान्यत: ये धर्मात्मा, दानी, सत्यवादी, धनवान, गुणवान, शोख तबीयत वाले, उत्साही, चपल और शांतिप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २८ वर्ष की आयु तक होता है। वृष राशि वाले जातकों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलेगी। नौकरी चाहने वाले जातकों को सफलता मिलेगी। प्रयासों में किसी प्रकार की उपेक्षा न करें।

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