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6 September Bharat Bandh : भारत बंद के लिए फिर हो जाइये तैयार, पहले दलितों ने किया था अब सवर्ण करेंगे भारत बंद

6 September Bharat Bandh : छह सितंबर को हो भारत बंद, अखिल भारतीय वेश्या एकता परिषद ने दिया बन्द को समर्थन, SC ST Act का विरोध

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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 04, 2018

sc st act

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आगरा। UP में सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद का महागठबंधन लोकसभा चुनाव की राह देख रहा है। भारतीय जनता पार्टी दलित वोटरों को लुभाने के लिए नए-नए पैतरों का इस्तेमाल कर रही है। SC ST Act लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद और सर्व समाज का प्रदर्शन अब उत्तर प्रदेश में सभी जनपदों में इस एक्ट का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आया है। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं मान रहे हैं।

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सर्व समाज कर रहा है प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट ने हरिजन एक्ट (Harijan Act) में तत्काल गिरफ्तारी रोकने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद दो अप्रैल को दलितों ने Bharat Bandh रखा और सरकार को इस एक्ट में संशोधन के लिए बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया। सरकार ने राज्यसभा और लोकसभा में इस एक्ट का संशोधन दिया तो अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद इस एक्ट के विरोध में उतर आया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सुमन गुप्ता के निर्देशन में पूरे प्रदेश के व्यापारी वर्ग के साथ-साथ सर्व समाज के लोग भी इस एक्ट के विरोध में उतर खड़े हुए। इसके काला कानून का नाम दिया गया। अब 6 सितंबर को अखिल भारतीय वैश्य परिषद ने Bharat Bandh में समर्थन का एलान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के पदाधिकारी विनय अग्रवाल का कहना है कि सवर्ण को भारतीय जनता पार्टी का वोट बैंक कहा जाता है। सवर्ण यदि किसी दूसरे दल को भी वोट दे तब भी उसे भाजपा का वोटर की कहा जाएगा। एससी एसटी एक्ट में संशोधन लाकर सवर्णों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सबसे बड़ी मुसीबत खड़ी की है। सवर्णों की दुकानों पर दलित समाज के लोग काम करते हैं। यदि कभी भी किसी कारणवश कोई बात होती है तो दलित समाज सवर्ण समाज को जीने नहीं देगा। छोटी छोटी बातों पर एफआईआर करा दी जाएगी। सवर्ण समाज जेल की सलाखों के अंदर ही जिंदगी काटेगा।

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संशोधन के लिए जल्द विचार करे सरकार
वहीं परिषद के पदाधिकारी राजीव अग्रवाल का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द इस एक्ट में संशोधन पर विचार करना होगा। यदि सरकार ने देर कर दी तो लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उसे देर हो जाएगी।

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