scriptCMO has filed case against 12 commission agent ASHA also ban on admitting patients in tainted private hospitals in Agra | कमीशन के खेल में फंसी आशाओं पर सीएमओ की कड़ी कार्रवाई, दागी निजी अस्पतालों में भर्ती बंद | Patrika News

कमीशन के खेल में फंसी आशाओं पर सीएमओ की कड़ी कार्रवाई, दागी निजी अस्पतालों में भर्ती बंद

locationआगराPublished: Feb 01, 2024 09:44:05 am

Submitted by:

Vishnu Bajpai

UP News: यूपी की ताजनगरी आगरा में सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव एक्‍शन मोड में आ गए हैं। उनके आदेश पर निजी अस्पतालों से दोस्ती निभाने में 12 आशाओं पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही दागी निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला…

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CMO Action in Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना खंदौली क्षेत्र में 12 आशा कार्यकत्रियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और निजी हॉस्पिटल संचालको में हड़कम्प मच गया है। बता दें कि यमुनापार के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 स्थित रॉयल हॉस्पिटल में कमीशन के चक्कर मरीज भेजने व प्रसव कराने के आरोप की स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद 12 आशा कार्यकत्रियों को भ्रष्टाचार का दोषी माना है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। रॉयल हॉस्पिटल का लाइसेंस भी निरस्त कर इसे बंद करा दिया गया है। डॉ. अरुण श्रीवास्तव, (सीएमओ) ने बताया सभी आशाएं खंदौली की थी, इसलिए सीएचसी प्रभारी खंदौली डॉ. मुकेश कुमार को रिपोर्ट के आधार पर 12 आशाओं पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। मुकदमे में नाम है तो नाम शामिल कराए जाएंगे। जांच रिपोर्ट में 12 आशाओं के नाम खोले गए हैं।
निजी अस्पतालों में कमीशन लेकर प्रसव कराने वाली आशाओं पर मुकदमा दर्ज कराने में एक और झोल सामने आया है। 57 दिन बाद 12 आशाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया। मगर, मुकदमे में आशाओं के नाम गोल कर दिए गए, 12 अज्ञात आशाओं पर निजी अस्पताल में प्रसव कराने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोप लगाते हुए तहरीर दी। सोमवार को 12 अज्ञात आशाओं पर थाना खंदौली में धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यमुनापार के रॉयल अस्पताल में बांटे गए थे गिफ्ट


रॉयल हॉस्पिटल, यमुना पार में नौ दिसंबर को उपहार लेते हुए आशाओं के बाहर निकलने का वीडियो वायरल हुआ था। 10 दिसंबर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा था। हॉस्पिटल से 11 आशाओं की सूची मिली थी, इसकी जांच कराई गई। ये सभी आशाएं खंदौली क्षेत्र की थी, जांच में एक और आशा का नाम सामने आया। इन आशाओं द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव नहीं कराए जा रहे थे। 23 दिसंबर को सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी खंदौली के प्रभारी को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।
आशा ने स्टाफ नर्स पर लगाए वसूली के आरोप फतेहाबाद क्षेत्र की आशा हीरा देवी ने आरोप लगाया है कि 26 दिसंबर को अपने क्षेत्र की एक गर्भवती का प्रसव कराया था। सीएचसी पर तैनात नर्स ने प्रसव कराने पर दो हजार रुपये दिलवाने के लिए कहा, विरोध करने पर पिटाई कर दी। इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की है। 57 दिन बाद सीएचसी प्रभारी ने अपने पदनाम से थाने में तहरीर दी, इसमें जांच रिपोर्ट में जिन 12 आशाओं के नाम लिखे गए थे वे तहरीर में नहीं लिखे, जांच रिपोर्ट संलग्न कर दी। थाना खंदौली प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
-आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट

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