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समुदाय विशेष को डराने के लिए रविशंकर ने दिया बयान, एफआईआर की मांग

श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ इन धाराओं में केस दर्ज कराने की मांग

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आगरा

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Abhishek Saxena

Mar 12, 2018

aimim fir sri sri ravishankar

आगरा। ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिला अध्यक्ष अल्हाज़ मुहम्मद इदरीस अली ने आज एसएसपी को श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिलाध्यक्ष इदरीश ने इस दौरान कहा कि आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने बीते दिनों एक निजी टीवी चैनल को जो साक्षात्कार दिया था उसमें एक ऐसा बयान दिया जिससे भारतीय एकता अखण्डता को बड़ा खतरा है। श्रीश्री रविशंकर द्वारा दिया गया विवादित बयान धार्मिक उन्माद फैलाने वाला है। अपने साक्षात्कार के दौरान श्रीश्री रविशंकर ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति ऐसा वक्तव्य दिया जो कि न्यायालय की अवहेलना की परिधि में भी आता है। श्रीश्री रविशंकर द्वारा धमकी भरे अंदाज में कहा गया कि अयोध्या के बाबरी मस्जिद वाले बहुचर्चित विवाद को न्यायालय के बाहर नहीं सुलझाने पर जोर दिया है और कहा है कि मुसलमान स्वेच्छा से बाबरी मस्जिद वाली जगह राम मंदिर को दे दें अन्यथा भारत में भी सीरिया जैसे हालात हो जाएंगे। अगर मंदिर विवाद न सुलझा तो भारत सीरिया बन जाएगा।

जानबूझकर समुदाय विशेष को डराने व धमकाने का उद्देश्य
ज़िला अध्यक्ष इदरीश अली ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का विवादित बयान उनके प्रख्यात आध्यत्मिक गुरु होने के नाते जानबूझकर भारत जैसे लोकतंत्र देश की धर्म निरपेक्षता को खण्डित करने के उद्देश्य से और दंगे इत्यादि भड़काने के उद्देश्य से दिया गया है। वहीं उनका विवादित बयान समुदाय विशेष को डराने और धमकाने के उद्देश्य से भी दिया गया था। विवादित बयान देकर माननीय सर्वोच न्यायालय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है। ज़िला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि श्री श्री रविशंकर अयोध्या पर विवादित बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते चाहते थे, जिसकी वजह से हिन्दू मुस्लिम एकता में दरार पड़ी है। उनका दावा है कि श्रीश्री रविशंकर का यह विवादित बयान कृत्य भारतीय दण्ड संहिता की धारा 153,153ए व 153बी के अंतर्गत आता है। इसलिए एआईएमआईएम ने वरिष्ट पुलिस अधीक्षक से शिकायत प्रार्थना पत्र दिया है, अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, फिर मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।