शस्त्र लाइसेंस के लिए इन नियमों ने उड़ाए आवेदकों के होश, अब इन विभागों में भी लगाने होंगे चक्कर

नए बदलाव के तहत अब आवेदकों को वन विभाग की भी एनओसी लानी होगी। इसके अलावा...

आगरा। शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया में नए नियमों ने आवेदकों के होश उड़ा दिए हैं। आवेदकों को छह विभागों की कठिन परीक्षा से गुजरना होगा। नए बदलाव के तहत अब आवेदकों को वन विभाग की भी एनओसी लानी होगी। इसके अलावा प्रशासन, सीएमओ, मेंटल हॉस्पीटल और स्टेडियम राइफल एसोसिएशन से भी प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।

आवेदकों के लिए ये छह कड़ी परीक्षाएं


1. पुलिस विभाग की प्रथम चरण में बड़ी भूमिका रहेगी। पुलिस चौकी से लेकर एसएसपी स्तर तक रिपोर्ट लगेगी। पुलिस द्वारा आवेदक का आपराधिक इतिहासा खंगाला जाएगा। इसके साथ ही उसके चाल चलन के साथ चरित्र व्यवहार और भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट लगाई जाएगी।

2. प्रशासन, प्रशासनिक स्तर पर भी आवेदक को खूब मेहनत करनी होगी। इसमें आवेदक की राजस्व हैसियत और मालियत की जांच एसडीएम स्तर पर होगी। इसमें लेखपाल से लेकर तहसीलदार, कानून गो, सडीएम आदि रिपोर्ट देंगे। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि आवेदक पर कोई मुकदमा तो विचाराधीन नहीं है।

3. सीएमओ से हेल्थ फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। इस दौरान ये देखा जाएगा कि कोई शारीरिक अक्षमता तो नहीं है।

4. मेंटल हॉस्पीटल में भी आवेदक की जांच होगी। यह जांच प्रक्रिया लगभग 10 दिन की होगी, जिसमें देखा जाएगा कि आवेदक को कोई मानसिक विकृति तो नहीं है। इस दौरान व्यवहार भी देखा जाएगा। उसकी धैर्यशीलता कैसी है, इसकी भी जांच की जाएगी।

5. वन विभाग की एनओसी लाना भी जरूरी है। वन विभाग की ओर से आवेदक पर कोई मामला तो पंजीकृत नहीं है। ये रिपोर्ट ऐसे क्षेत्र के लिए लागू होगी, जहां वन्य क्षेत्र हैं।

6. राइफल एसोसिएशन से भी आवेदक को सर्टिफिकेट लाना होगा, जिसमें देखा जाएगा कि आवेदक हथियार चलाने में दक्ष है। इकसे लिए रेडक्रॉस सोसाइटी से एक रसीद कटवाई जाएगी।

 

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धीरेंद्र यादव
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