scriptPolice Commissioner J Ravinder Gaud sent 6 constables to line after taking action against 17 police station in-charges in Agra | थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के बाद 6 सिपाहियों पर गिरी गाज, कमिश्नर की सख्ती से महकमें में हड़कंप | Patrika News

थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के बाद 6 सिपाहियों पर गिरी गाज, कमिश्नर की सख्ती से महकमें में हड़कंप

locationआगराPublished: Feb 03, 2024 07:41:00 am

Submitted by:

Vishnu Bajpai

UP News: आगरा पुलिस कमिश्नर के तेवर एक बार फिर सख्त हो गए हैं। उन्होंने अधीनस्थों को चेतावनी दी है कि अपनी कार्यशैली सुधार लें। वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कमिश्नर के कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मचा है।

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Police Commissioner Action: आगरा पुलिस कमिश्नर के तेवर एक बार फिर सख्त हो गए हैं। कमिश्नर के कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मचा है। पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड ने वायरलेस पर बाकायदा यह मैसेज कराया है कि तैनाती के लिए सिफारिश नहीं कराएं। जिसकी सिफारिश के लिए फोन आएगा उसकी चरित्र पंजिका रंग दी जाएगी। लिख दिया जाएगा कि यह सिफारिश कराता है। चर्चा है कि सिफारिश कराने पर एक थाना प्रभारी को हटाया भी गया है। दरअसल, पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड ने मासिक अपराध बैठक में भी सीधे शब्दों में थाना प्रभारियों को बता दिया था कि वह क्या चाहते हैं। उन्होंने साफ-साफ बोला कि इससे अधिक शर्म की बात कोई और नहीं होगी कि पुलिस वाले किसी दूसरे के दरवाजे पर हाजिरी देने जाएं।

फोन करवाकर सिफारिश कराने में एक इंस्पेक्टर पर गाज


चर्चा है कि पिछले दिनों 17 थाना प्रभारी बदले गए थे। इनमें एक थाना प्रभारी के खिलाफ सिर्फ इसलिए कार्रवाई हुई कि उसने सिफारिश में फोन करा दिया था। पुलिस आयुक्त को यह बात नागवार गुजरी। पुलिस आयुक्त ने अधीनस्थों को साफ संदेश दिया है। जो जिम्मेदारी दी गई है उसे पूरी मेहनत और ईमानदारी से निभाएं, आखिर काम बोलता है। जिसका काम अच्छा होगा। उसे किसी से सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस कर्मियों को गलत आदत पड़ी हुई है। सिफारिश पर अपनी मर्जी से तैनाती चाहते हैं। अब कमिश्नरेट में ऐसा नहीं होगा।

आगरा कमिश्नर के सख्त तेवर देख अधीनस्‍थों के उड़े होश


आगरा में पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड के सख्त तेवर देख अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई हैं। उन्होंने अधीनस्थों से स्पष्ट संदेश दिया है कि मनमाफिक तैनाती के लिए किसी ने सिफारिश कराई तो अच्छा नहीं होगा। वह उस पुलिस कर्मी की चरित्र पंजिका में इसका उल्लेख कर देंगे। तैनाती के लिए सिफारिश कराता है। उनका लिखा कोई नहीं काट पाएगा। बेहतर होगा पुलिस कर्मी अपना काम करें। जो अच्छा काम करेगा उसे खुद ही बिना सिफारिश अच्छी जगह तैनाती मिलेगी। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड ने बताया पुलिसकर्मियों के अंदर सिफारिश कराकर मर्जी से तैनाती की कोशिश करने की गंदी आदत हो गई है। आदत को सुधार लें कमिश्नरेट में ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।

तीन थानों के खिलाफ मिलीं शिकायतें


वहीं दूसरी ओर रात में पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड को शिकायत मिली थी कि खेरागढ़, जगनेर और बसई जगनेर में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों का आचरण अच्छा नहीं है। उनके थानों पर रहने से पुलिस की छवि खराब हो रही है। पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी सोनम कुमार को मामले में जांच करा कार्रवाई के आदेश दिए थे। शिकायत की एसीपी खेरागढ़ से गोपनीय जांच कराई गई। खनन के चलते चर्चाओं में रहने वाले खेरागढ़ सर्किल के तीन थानों के छह आरक्षियों को डीसीपी पश्चिमी जोन ने लाइन हाजिर कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों का जनता के प्रति आचरण अच्छा नहीं था। जुआ और सट्टे वालों से संलिप्तता थी।

जुआ और सट्टेबाजों से दोस्ती निभाने में 6 सिपाही नपे


डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि एसीपी की रिपोर्ट पर खेरागढ़ थाने के आरक्षी चालक मनोज कुमार, आरक्षी विशाल राठी, जगनेर थाने के आरक्षी संजीव कुमार, आरक्षी अक्षय कुमार और बसई जगनेर थाने आरक्षी आकाश हुड्डा व प्रवेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एसीपी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पुलिसकर्मियों की जुआ और सट्टे वालों के साथ संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता। एसीपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। लाइन हाजिर छह आरक्षियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
-आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट

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