पद्मावत रिलीज होने के बाद धर्मगुरुओं ने कहा, इस फिल्म को न देखें, बताया ये बड़ा कारण

श्रीमनकामेश्वर मंदिर के महंत ने लोगों से भी फिल्म ना देखने की गुजारिश की।

By: धीरेंद्र यादव

Published: 25 Jan 2018, 07:51 PM IST

आगरा। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर धर्मगुरुओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सर्वधर्म गुरुओं ने कहा कि संजय लीला भंसाली ने भारत के इतिहास से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया है, जो एक सोची समझी साजिश है।


धर्मगुरुओं प्रमुख रुप से महंत योगेश पुरी, सिख धर्मग्रंथी कुलविंदर सिंह, नायब सज्जादा नशी इनायत अली, भंते विमल सागर, बंटी ग्रोवर ने कहा कि कि एक सोची समझी साजिश और आर्थिक लाभ कमाने के तहत कुछ लोग भारतीय संस्कृति, सभ्यता और धर्म की आड़ में खेल खेल रहे हैं। इसी तर्ज पर भारतीय इतिहास और राजपूतों के साहस को नजरअंदाज कर राजपूतों की रानी का किरदार फिल्म पद्ममावत में दर्शाया गया है।

ये बोले महंत योगेश पुरी
महंत योगेश पुरी ने कहा कि फ़िल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने रानी पद्मावती के जीवन पर इतिहास से छेड़छाड़ कर देशद्रोह किया है। मैं फिल्म का बहिष्कार करता हूं और लोगों से भी फिल्म ना देखने की गुजारिश करता हूं और मंदिर में भी लोगों से यही अपील करूंगा।


क्या कहते हैं भन्ते ज्ञान विमल सागर
फिल्म का विरोध करने का काम धर्मगुरुओं का नहीं है हम सिर्फ लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं अहिंसा हमारा गहना है और हिंसा कर किसी की प्रॉपर्टी को क्षतिग्रस्त करना गलत है। बढ़ते हुए विरोध की वजह कहीं ना कहीं सरकार की उदासीनता है।

फिल्म का परित्याग करना है

नायब सज्जादा नशी इनायत अली का कहना है कि आगरा में हम सभी को सौहार्द बनाये रखना है और अहिंसा का परिचय देकर फिल्म का परित्याग करना है। इस अवसर पर मुनेन्द्र जादौन ने सभी प्रमुख धर्मगुरुओं की इस अपील का स्वागत किया तथा कहा कि सुलहकुल की नगर में समय समय पर इन सभी धर्मगुरुओं ने सौहार्द बनाने का कार्य किया है। प्रेसवार्ता में अभिमन्य सिंह, आरके त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

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