अस्थियां चुनते हुए शहीद पिता की अंगुली ढूंढने लगा बेटा, नहीं मिली तो फफक कर रोया फिर...पढ़िए रुला देने वाली ये खबर!

अस्थियां चुनते हुए शहीद पिता की अंगुली ढूंढने लगा बेटा, नहीं मिली तो फफक कर रोया फिर...पढ़िए रुला देने वाली ये खबर!
shaheed

suchita mishra | Publish: Feb, 18 2019 03:11:58 PM (IST) | Updated: Feb, 18 2019 04:34:45 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान कौशल कुमार की अस्थियां चुनने गया था बेटा।

आगरा। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान कौशल कुमार की शहादत से पूरा परिवार टूट चुका है। परिवार के सदस्य रह रहकर उनकी बीती बातों को याद करके रोए जा रहे हैं। सोमवार को कौशल कुमार का छोटा बेटा जब उनकी अस्थियां चुनने पहुंचा तो पिता की अंगुली को ढूंढने लगा। कहने लगा पापा की अंगुलि पकड़कर ही चलना सीखा था। बेटे की इस हालत को देखकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए। उसके बाद लोगों ने उनके बेटे को संभाला और खुद अस्थियां चुनकर कलश में रखीं।

जिस समय शहीद सीआरपीएफ जवान कौशल कुमार का शव घर पर आया था तो ताबूत में बंद था। शव क्षत विक्षत होने के कारण बेटा पिता के पार्थिव शरीर को भी नहीं देख पाया था। सोमवार को जब छोटा बेटा विकास परिवार के लोगों के साथ पिता की अस्थियां चुनने पहुंचा तो उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। अचानक वो उन अस्थियों में अपने पापा की अंगुली तलाशने लगा। कहने लगा पापा ने अंगुली का सहारा देकर चलना सिखाया था। जब भी लड़खड़ाता था तो पापा की अंगुली जोर से पकड़ लेता था। लेकिन उसे उन अस्थियों में इस बार पिता की अंगुली भी नहीं मिली क्योंकि आतंकियों के कायराना हमले में शहीद के दोनों हाथ भी क्षत विक्षत हो गए थे। अस्थियां सामने देखकर वह फफक पड़ा। अस्थियों को हाथ में लेकर कहने लगा कि पिता की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा। उसको भावुक होते देखकर चचेरे भाई प्रदीप, संदीप, आकाश और पवन ने उन्हें सहारा दिया। खुद अस्थियां चुनीं और उन्हें कलश में रख लिया।

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