हर स्कूल पर लागू नहीं है योगी सरकार का ये अध्यादेश

यूपी वित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश का पालन कराने का निर्देश

By: Bhanu Pratap

Updated: 16 May 2018, 09:27 PM IST

आगरा। निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूल किये जा रहे मनमाने शुल्क पर औचित्यपूर्ण नियंत्रण के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2018 लागू किया गया है। इसके तहत अनेक कड़े प्रावधान है। यह बात अलग है कि अध्यादेश किसी भी स्कूल में लागू नहीं हो सका है। उल्लेखनीय बात यह भी है कि यह अध्यादेश सभी स्कूलों पर लागू नहीं है।

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ये हैं प्रावधान

आगरा मंडल के मंडलायुक्त के राममोहन राव ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2018 उन्हीं विद्यालयों में लागू होगा, जिनमें किसी छात्र के लिए कुल सम्भावित संदेय शुल्क 20,000 रुपये वार्षिक से अधिक है। अध्यादेश के तहत प्रत्येक विद्यालय में शुल्क वार्षिक आधार पर नहीं लिया जायेगा। यह मासिक या त्रैमासिक या अर्द्धवार्षिक किस्तों में लिया जाएगा। ऐसे कोई विद्यालय संसूचित शुल्क से अधिक कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे। कोई भी विद्यालय कैपिटेशन शुल्क नहीं लेगा। प्रत्येक शुल्क की रसीद जारी करेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय द्वारा पांच वर्ष तक स्कूल ड्रेस में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। किसी भी छात्र को पुस्तकें, जूते, मोजे व यूनीफार्म किसी विशिष्ट दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

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टीम बनाकर जांच करें

मंडलायुक्त ने शासन द्वारा गठित की गई मण्डलीय शुल्क नियामक समिति के साथ बैठक की। इसमें अध्यादेश में की गई व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक को निर्देशित किया है कि वे टीम बनाकर अध्यादेश में दी गई व्यवस्थाओं के अनुरूप अनुपालन की स्थिति की जांच कराते रहें। यदि कहीं पर अध्यादेश का उल्लघंन पाया जाये तो एफ.आई. आर. दर्ज कर कार्यवाही की जाए।

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उल्लंघन पर जुर्माना

संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविन्द कुमार पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय परिसर में वाणिज्य क्रियाकलाप से होने वाली आय विद्यालय खाते में जमा होगी। अध्यादेश के उपबन्धों का प्रथम वर्ष में उल्लघंन किये जाने पर एक लाख रूपये का अर्थदण्ड दूसरे वर्ष में पांच लाख का अर्थ दण्ड तथा तीसरे वर्ष में उल्लघंन किये जाने पर मान्यता या सम्बद्धता वापस लिये जाने की संस्तुति की जा सकती है। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग योगेश पवार, चार्टेड अकाउन्टेन्ट दीपेन्द्र मोहन, वित्त एवं लेखा अधिकारी तथा प्रबन्धक क्वीन विक्टोरिया गल्र्स इन्टर कालेज आदि उपस्थित थे।

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सेना के अधिकारी सम्पर्क करें

जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी ने अवगत कराया है कि सेवानिवृत्त ऑफीसर (लेफ्टिनेट कर्नल/कर्नल या समकक्ष) जिनकी आयु 31 जुलाई 2018 को 58 वर्ष से कम हो, उन्हें नगर निगम तथा नगर पालिका में नियुक्त किया जाना है। इच्छुक अधिकारी उनके कार्यालय से या 0522-2998005 तथा 7860030103 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

 

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