20 प्रतिशत काम कर रहे फेफड़े, फिर भी कोरोना को दी मात

गांधीधाम की 72 वर्षीया चंदुबा के...

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 23 Oct 2020, 11:55 PM IST

गांधीधाम. कोरोना को मात देने वालों की अनेक कहानियां प्रेरणा देने वाली हैं। ऐसी ही एक कहानी कच्छ जिले के गांधीधाम निवासी 72 वर्षीया वृद्धा चंदुबा की भी है। उनके फेफड़ों ने 80 प्रतिशत काम करना बंद कर दिया यानी मात्र 20 प्रतिशत काम कर रहे फेफड़ों के बावजूद उन्होंने कोरोना को मात दी है।
गांधीधाम में अपना नगर निवासी ुचंदुबा जाड़ेजा को सीने में दर्द और कोरोना संक्रमित होने के कारण गांधीधाम के सेन्ट जोसफ अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें आईसीयू वार्ड में भर्ती किया, सीटी स्केन करने पर फेफड़े 80 प्रतिशत खराब और ऑक्सीजन की कमी होने का पता लगा।
एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. जयेश राठोड ने उपचार शुरू करने के साथ ही कोरोना मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की। डॉ. राठोड के अनुसार चंदुबा को 24 घंटे वेन्टिलेटर पर और पांच दिन ऑक्सीजन की बायपेप मशीन पर रखा। एकाधिक बार रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाए गए।

कोरोना से लडऩे के लिए की दृढ़ मनोबल से मेहनत

डॉ. राठोड़ का कहना है कि चंदुबा की इच्छाशक्ति मजबूत थी। उनके फेफड़ों से कोरोना का संक्रमण दूर करने के लिए स्टाफ ने जितनी मेहनत की, उससे अधिक तो चंदुबा ने कोरोना से दृढ़ मनोबल से लडऩे के लिए मेहनत की। 11 दिन के उपचार के बाद चंदुबा ने कोरोना को मात दे दी।

चिकित्सकों ने जान लगाकर किया उपचार

पुत्र गजेन्द्रसिंह जाड़ेजा के अनुसार फिलहाल चंदुबा की हालत स्थिर है, नियमित दिनचर्चा के अनुरूप काम कर रहीं हैं। सरकार व स्वास्थ्य विभाग का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने जान लगाकर उपचार किया, परिणामस्वरूप उनका परिवार टूटने से बच गया। अस्पताल में डॉ. राठोड के अलावा फिजिशियन डॉ. सुधीर साकरिया व स्टाफ की ओर से किए गए उपचार के कारण चंदुबा कोरोना को मात देकर घर पहुंची।

Rajesh Bhatnagar
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