कुछ अस्पतालों में खाली बेड भरने का षडय़ंत्र : एएमसी

कहा, नहीं माने तो होगी कार्रवाई

By: Omprakash Sharma

Published: 22 Nov 2020, 09:58 PM IST

अहमदाबाद. शहर में कुछ निजी अस्पतालों की ओर से कोरोना के आरक्षित बेड्स को भरने का षडय़ंत्र किया जा रहा है जो अवैध है। इस षडय़ंत्र को रोकने के लिए कहा गया है यदि नहीं माने तो कार्रवाई की जाएगी। अहमदाबाद के कोविड इन्चार्ज डॉ. राजीव कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में महामारी के लिए आरक्षित बेड को लेकर की गई समीक्षा के दौरान मनपा ने यह कहा।

मनपा आयुक्त मुकेश कुमार व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में कहा गया है कि फिलहाल शहर में निजी और सरकारी अस्पतालों में कोरोना के जरूरतमंद मरीजों के लिए 1500 बेड खाली हैं जिससे शहरवासियों को चिन्ता करने की जरूरत नहीं है। शहर में आठ से 10 अस्पतालों में और बेड उपलब्ध कराने के लिए बातचीत की जारी है। मनपा के अनुसार कोरोना के इस संकट भरे काल में कुछ लोग ऐसे कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल बुलाने के प्रयास कर रहे हैं जिनका ऑक्सीजन स्तर बेहतर है और उन्हें किसी भी तरह से भर्ती होने की जरूरत नहीं है। इससे शहर में जरूरतमंदों को बेड की कमी आने की आशंका है।

मरीजों को किए जा रहे हैं फोन
मनपा के अनुसार शहर के कुछ निजी अस्पतालों की ओर से ऐसे मरीजों को भी भर्ती होने के लिए फोन किया जाता है जिन्हें जरूरत नहीं है। यह अवैध प्रेक्टिस है। ऐसे ही कुछ अस्पतालों के नाम सामने आने पर उन्हें चेताया गया है। उन्हें अवैध प्रेक्टिस करने से रोकने के लिए कहा गया है। मनपा के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से शहर में खाली बेड बेवजह भर जाएंगे। मनपा ने इस संबंध में अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के पदाधिकारियों से भी बात की है। इसके बावजूद भी यह गतिविधि नहीं रुकी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Omprakash Sharma Reporting
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