सीएम रूपाणी का अहम निर्णय: 9 मीटर ऊंची शैक्षणिक संस्थाओं को फायर एनओसी से छूट

CM Vijay rupani,Gujarat, Fire NOC, education institute, 9 meter height, Municipality, city -नगरपाालिका के अग्निशमन अधिकारी दे सकेंगे एनओसी, -गुजरात हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आई सरकार

By: nagendra singh rathore

Published: 06 Jun 2021, 08:59 PM IST

गांधीनगर. फायर एनओसी (अग्नि अनापत्ति प्रमाण-पत्र) को लेकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को अहम निर्णय किया है।
रूपाणी ने कहा कि ऐसी इमारतें जिनकी ऊंचाई 9 मीटर या उससे कम है। उनमें तलघर (बेजमेंट) नहीं हैं। ऐसी इमारतों में चलने वाली शैक्षणिक संस्थाओं को अब फायर एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि ऐसी शैक्षणिक संस्थाओं को निर्दिष्ट नियमानुसार फायर सेफ्टी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उसके बाद उन्हें फायर एनओसी से जुड़ा स्व प्रमाणित प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) संबंधित नगर, शहर या जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को राज्य में फायर सेफ्टी को लेकर की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में चर्चा के बाद यह घोषणा की।
इस बैठक में शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश पुरी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम के दास एवं फायर तथा शहरी विकास विकास के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दरअसल गुजरात में स्कूल, अस्पताल सहित रिहायशी, कॉमर्शियल और सरकारी इमारतों में फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है।

फायर सेफ्टी नियम पूरे तो बीयू जरूरी नहीं!
सीएम ने एक और अहम निर्णय किया है, जिसके तहत यदि कोई इमारत फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों को पूरा करती है। तो उसे फायर एनओसी पाने के लिए उस इमारत के पास बिल्डिंग यूज परमिशन (बीयू) होनी जरूरी नहीं है। दरअसल राज्य में कई मामलों में सामने आया है कि इमारत ने फायर एनओसी के सभी प्रावधान पूर्ण कर लिए हैं, लेकिन बावजूद उसके बीयू परमिशन न होने के चलते ऐसी इमारतों को फायर एनओसी नहीं दी जाती है। बिल्डिंग यूज (बीयू) परमिशन नहीं मिलने के कई अन्य कारण हो सकते हैं। इस संदर्भ में राज्य सरकार की ओर से अग्निशमन सेवाओं के निदेशक को स्पष्टता करते हुए कहा गया है कि फायर एनओसी देने पूर्व बीयू परमिशन की आवश्यकता होती है। यानि जहां बीयू परमशीन न हो लेकिन फायर एनओसी के नियम पूरे हो रहे हैं वहां फायर एनओसी के लिए बीयू परमशीन अनिवार्य नहीं होगी।

मनपा फायर ऑफिसर देंगे शहरी प्राधिकरण क्षेत्रों को एनओसी
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने यह भी निर्णय किया है कि शहरी विकास प्राधिकरण वाले क्षेत्रों के लिए संबंधित महानगरपालिका के मुख्य अग्निशमन अधिकारी फायर एनओसी देंगे। नगरपालिका क्षेत्रों में नगरपालिका के अग्निशमन अधिकारी फायर एनओसी देंगे। इसके अधिकार उन्हें दिए जाएंगे। इसके चलते नगरों में लोगों को जल्द फायर एनओसी मिल सकेगी।

राज्य में अब 14 फायर रीजन
अब राज्य में अब 14 फायर रीजन कार्यरत होंगे। जिसके तहत अभी आठ महानगरों-अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, जूनागढ़, जामनगर, गांधीनगर के अलावा रीजनल कमिश्नर ऑफ म्युनिसिपालिटीज कार्यालय के कार्य के क्षेत्र यानि अहमदाबाद, सूरत,वडोदरा, गांधीनगर, राजकोट और भावनगर सहि छह नए फायर रीजन बनेंगे। जिससे राज्य में कुल 14 फायर रीजन कार्यरत होंगे। इन फायर रीजन के फायर ऑफिसरों को आईएएसस्तर के अधिकारी कि जो प्रादेशिक मनपा आयुक्त के तहत कार्यरत होंगे उनके मातहत कार्य करना होगा।

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