समुद्र के खारे पानी से  द्वारकाधीश मंदिर को हो रहा है नुकसान

समुद्र के खारे पानी से  द्वारकाधीश मंदिर को हो रहा है नुकसान

Gyan Prakash Sharma | Publish: Sep, 04 2018 03:09:40 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

शीघ्र होगी द्वारकाधीश मंदिर की मरम्मत, ६०० कारीगर करेंगे मरम्मत

जामनगर. देवभूमि द्वारका जिले में यात्राधाम द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर को समुद्र के खारे पानी से बचाने के लिए शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब ६०० करीगर मंदिर की मरम्मत करेंगे और क्षारयुक्त पानी से बचाने के लिए मंदिर को आरक्षित किया जाएगा। फिलहाल जन्माष्टमी उत्सव के चलते देश-विदेश के बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए आते हैं, ऐसे में मरम्मत का कार्य बाद में किया जाएगा।
हजारों वर्ष पूर्व बने मंदिर को समुद्र के पानी के कारण नुकसान हो रहा है। देवस्थान समिति के अध्यक्ष जे. आर. डोडिया एवं उपाध्यक्ष धनराज नथवाणी ने द्वारका देवस्थान समिति के उप प्रशासक हरीश पटेल को इस संबंध में जानकारी दी और उन्हें वडोदरा स्थित पुरातत्व विभाग को जानकारी देने का कहा। पुरातत्व विभाग ने भी मामले को गंभीरता से देते हुए शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।


छह महीने में होगा मरम्मत कार्य पूर्ण :
द्वारका के पुरातत्व विभाग के एएसआई के अनुसार वडोदरा कार्यालय से संलग्न करके मंदिर के शिखर को समुद्र के पानी से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए ६०० कारीगर मरम्मत करेंगे। यह कार्य करीब छह महीने में पूर्ण होगा। जन्माष्टमी के बाद दर्शनार्थी एवं पुजारी परिवार की व्यवस्था करने के साथ मंदिर का नीचे से लेकर ध्वजदंड तक मरम्मत की जाएगी।
पुरातत्व विभाग के अनुसार यह मंदिर १२०० वर्ष पुराना है। सात मंजिला यह मंदिर समुद्र तट से ४५ फीट ऊंचाई पर है, जहां पहुंचने के लिए छप्पन सीढिय़ां चढऩी पड़ती हैं। मंदिर के मैदान से लेकर स्वर्ण कलश तक की ऊंचाई १२६ फीट है। यह मंदिर विमानगृह, भद्रपीठ, लाडवा मंडप एवं अर्ध मंडप सहित चार विभागों में बंटा है। एक ही शिला पर नक्काशी कर बनाए गए ७२ स्तंभों पर मंदिर की इमारत टिकी हुई है। मंदिर का ध्वज स्तंभ २५ फीट का है। उसपर २० फीट के ध्वजदंड में ५२ गज की सूर्य-चंद्र के निशानवाली पचरंगी ध्वजा लहराती है।

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