Father's Day: 45 वर्षीय पिता ने अपने पुत्र को बचाया, बुजुर्ग बाप ने बेटी को दी किडनी

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By: Uday Kumar Patel

Published: 19 Jun 2021, 11:04 PM IST

ओम प्रकाश शर्मा/उदय पटेल

अहमदाबाद. अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल परिसर के किडनी अस्पताल (आईकेडीआरसी) में ऐसे वाकये हैं जो एक पिता का उसके बच्चों के प्रति अडिग और अटूट प्रेम के उदाहरण हैं। किडनी फेल की गंभीर बीमारी से त्रस्त 18 वर्ष के पुत्र विपुल को बचाने को लिए उसके 45 वर्षीय पिता सवजीभाई बावलिया ने अपनी किडनी दान की। किडनी अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से विपुल में किडनी का सफल प्रत्यारोपण होने के बाद बावलिया ने अपने पुत्र को नया जीवन दिया। अहमदाबाद के 60 वर्षीय सुरेन्द्र बहादुर सिंह राजपूत ने भी अपनी 18 वर्ष की पुत्री संतोषी किडनी दान देकर नया जीवन दिया।

57 वर्ष के मनूभाई चारण ने अपने 28 वर्ष के पुत्र जतिन को बचाने के लिए किडनी दान देकर उसे नया जन्म दिया।
वाराणसी के रहने वाले जय प्रकाश सिंह (63) ने अपने 29 वर्षीय पुत्र प्रवीण को किडनी दान में दिया।


ऐसा है पिता का प्यार

दानदाता पिता: 634
पिता ने पुत्र को दी किडनी: 537
पिता ने पुत्रियों को दी किडनी: 97
पुत्रों ने दी पिता को किडनी: 9
पुत्रियों ने दी पिता को किडनी: 9

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संतान को किडनी देने से लंबे समय तक स्वस्थ रहने की संभावना

पिता अपने बेटे या बेटी को किडनी देता है तो 50 फीसदी टिश्यू (एचएलए) मैच होता है जिससे किडनी लेने वाले को लंबे समय तक आराम होने की संभावना बढ़ जाती है। कई ऐसे मरीज हैं जिन्हें माता-पिता की किडनी मिलने से 20 साल से अधिक समय से स्वस्थ हैं।

डॉ पंकज शाह, सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट आईकेडीआरसी, अहमदाबाद

Uday Kumar Patel Reporting
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