Gujarat high court: 108 एंबुलेंस में आने वाले मरीजों की ही भर्ती करने पर जोर क्यों? हर कोरोना मरीज का उपचार हो

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By: Uday Kumar Patel

Updated: 27 Apr 2021, 10:37 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 108 एंबुलेेंस के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई। 108 एंबुलेंस से जुड़़े कई मुद्दे सामने आने की बात रखते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्यों इस एंबुलेंस में आने वाले कोरोना ग्रस्त मरीजों का ही क्यों अस्पतालों में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। क्यों अहमदाबाद महानगरपालिका 108 एंबुलेंस के आने पर ही अस्पताल में दाखिले पर जोर दे रही है? क्यों नहीं निजी वाहनों या एंबुलेंस में आने वाले कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

हाईकोर्ट के मुताबिक निजी वाहनों या एंबुलेंस में आने वाले प्रत्येक कोरोना मरीजों का उपचार किया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में अन्य वाहनों या एंबुलेंस से आने वाले मरीज क्या करेंगे। चिकित्सकों को बाहर खड़ी एंबुलेंस या वाहनों में ही मरीजों का उपचार आरंभ करना चाहिए और यह देखा जाना चाहिए कि कौन सा मरीज किस स्थिति में है। मरीजों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में मरीज को दाखिल किया जाना चाहिए। गंभीर मरीज पर पहले ध्यान दिया जाना चाहिए। यदि कोई मरीज घर पर ठीक हो सकता है तो उसे इस तरह की सलाह देनी चाहिए। इससे कम से कम मरीज को आस बंधेगा। साथ ही यह नियम नहीं रखा जाना चाहिए कि 108 से आने वाले मरीजों का ही उपचार किया जाएगा। 108 एंबुलेंस का रिस्पॉंन्स समय भी काफी ज्यादा है। पहले आओ पहले पाओ की स्थिति पर काम नहीं किया जा सकता। क्या अहमदाबाद महानगरपालिका राज्य सरकार के तहत नहीं आती है? मनपा को राज्य सरकार के निर्देश का पालन करना चाहिए।

Uday Kumar Patel Reporting
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