development model : गुजरात ही नहीं देश का पहला हाईटेक गांव है 'पुंसरी'

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By: Pushpendra Rajput

Published: 17 Aug 2020, 11:23 PM IST

पुष्पेन्द्रसिंह राजपूत.

गांधीनगर. राजस्थान सीमा से सटे साबरकांठा जिले के हाईटेक गांव 'पुंसरी' मॉडल को अब पड़ोसी राजस्थान के सरपंच भी अपना रहे हैं। गांव के विकास का मॉडल देखने न सिर्फ देश ही बल्कि विदेश से भी लोग आते हैं। यह ऐसा गांव जहां आत्मा तो गांव की बसती है, लेकिन सुविधाएं शहर जैसी हैं। गुजरात सरकार की ओर से इसे श्रेष्ठ ग्राम पंचायत का पुरस्कार भी दिया जा चुका है। इसे भारत का पहला आदर्श गांव भी कहा जाता है। करीब 6 हजार की आबादी वाले इस गांव को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के नक्शे पर लाने में गांव के पूर्व सरपंच हिमांशु पटेल की अहम भूमिका रही है। वर्ष 2006 में पहली बार सरपंच चुने जाने के बाद के दस वर्षों में उन्होंने गांव की तस्वीर ही बदल दी। 2010 में ही आदर्श गांव बन चुके इस गांव के बाद अब पटेल राजस्थान सहित दूसरे राज्यों के गांवों को विकास की दिशा दिखा रहे हैं।

मोदी ने अपने अधिकारियों को भेजा 'पुंसरी'
पीएम मोदी केन्द्र के कई अधिकारियों को 'पुंसरी' के विकास मॉडल का अध्ययन करने को भेज चुके हैं। मोदी ने स्वयं इस गांव के आधार पर देश के गांवों का मॉडल गांव तैयार करने को कहा है। केन्या की राजधानी नैरोबी से आने वाले प्रतिनिधिमंडल अब केन्या के गांवों में यह मॉडल अपना रहा है।

राजस्थान से आते हैं सरपंच विकास देखने
'पुंसरी' का विकास मॉडल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पंजाब व तमिलनाडु जैसे राज्यों के गांव भी अपना रहे हैं। राजस्थान के कई गांवों का विकास इसी मॉडल पर हो रहा है। राजस्थान के जयपुर, पाली, उदयपुर, डूंगरपुर समेत कई ऐसे जिले हैं, जहां के 500 से ज्यादा सरपंच इस गांव के विकास मॉडल को देखने आए और इसी गांव की तर्ज अपने गांवों को विकसित कर रहे हैं। जयपुर ग्रामीण के सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ भी गांव का दौरा कर चुके हैं।

सरकारी योजनाओं को सही से अपनाया जाए तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। बस, इच्छी शक्ति होनी चाहिए। राजस्थान से आए सरपंचों को गांव का विकास कार्य दिखाया और पूरा मॉडल समझाया सरकारी योजनाओं का रोडमैप भी बताया। कुछ वर्षों में यह गांव भी आदर्श होंगे।
- हिमांशु पटेल, पूर्व सरपंच, पुंसरी गांव

पुंसरी की तर्ज पर अपने गांव का विकास किया। गांव में स्टेडियम, आरसीसी की सड़कें, मोक्षधाम व अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाईं। गांव को खुले में शौचमुक्त कराया। गांवों में पानी का स्रोत सिर्फ तालाब है वहां घाट बनवाए।
- हनुमान फरडौदा, पूर्व सरपंच, गांव फरडोद, जिला-नागौर, राजस्थान

इन सुविधाओं से युक्त है 'पुंसरी'
- देश का पहला वाई-फाई गांव
- देश का पहला गांव जहां मोबाइल लाइब्रेरी
- देश का पहला गांव जिसमें सौ फीसदी एलईडी स्ट्रीट लाइट
- देश का पहला गांव जिसमें पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम
- देश की पहली ग्राम पंचायत जिसकी खुद की बस सेवा है
- ग्राम पंचायत का मिनरल वाटर प्लांट, टोकन दर पर ठंडा पानी
- गांव के सौ फीसदी लोगों के बैंक में खाते
-घर घर से गीला और सुखा कचरा ट्रैक्टर से लिया जाता है
- पूरे गांव में सीसीटीवी कैमरे
- सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे
- कोई ड्रॉप आउट नहीं
- सभी गांव वालों को प्रधानमंत्री बीमा योजना से जोड़ा गया
- पूरे गांव में आर सी सी रोड
- ग्राम पंचायत में आग बुझाने और रोड साफ करने की मशीन
- 5 प्राइमरी, 8 आंगनवाडी, 1 हाई स्कूल
- कौशल वर्धन केंद्र-कंप्यूटर, सिलाई, मेहंदी का प्रशिक्षण
- 2 दुधमण्डली, गांव में 2 बैंक
- पशु दवाखाना, डाक घर
- पुलिस आउटपोस्ट
- सस्ते दर पर अनाज की दुकान
- गांव का जीआईएस जीपीएस से सर्वेक्षण
- सभी आशा वर्कर के पास टैबलेट
- रिवर्स ऑसमोसिस प्लांट

Pushpendra Rajput Reporting
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