'एलआरडी पर्चा लीक मामले में मुख्यमंत्री दें इस्तीफा'

'एलआरडी पर्चा लीक मामले में मुख्यमंत्री दें इस्तीफा'

Pushpendra R.Singh Rajput | Publish: Dec, 08 2018 10:41:16 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

80 फीसदी औद्योगिक इकाइयां खस्ताहाल, बेरोजगारी बढ़ी

अहमदाबाद. गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढ़वाडिया ने लोकरक्षक दल (एलआरडी) परीक्षा का पर्चा लीक होने के मामले पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि भाजपा- आरएसएस के कार्यकर्ताओं और अपने चेहतों को नौकरी दिलाने के लिए दलालों के जरिए एलआरडी परीक्षा का पर्चा फूटा गया, जिसमें ना सिर्फ युवाओं को करोड़ों रुपए खर्च हुए बल्कि तीन परीक्षार्थियों की जान गईं। इसके लिए गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वाइब्रेन्ट उत्सव के पाटर्नर गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं एफआईए के आंकड़ों के मुताबिक लघु और मध्यम उद्योग खस्ताहाल में हैं। 80 फीसदी उद्योग मंदी की चपेट में हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। बड़े औद्योगिक घराने जिन्होंने सरकारी लाभ लिए हैं ऐसे औद्योगिक घरानों के परिजनों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बहाने आमंत्रण दिया जाता है जबकि छोटे और मध्यम उद्यमियों को दूर रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में छोटे-मध्यम उद्योगों की हालत खस्ता होने से कक्षा 10 उत्तीर्ण हो या स्नातक हों उन युवाओं को रोजगार नहीं मिलता। सरकारी भर्तियों में 500-1000 पदों के लिए 5 से दस लाख युवा आवेदन करते हैं। राज्य में 27 हजार 767 पदों के लिए 81.12 लाख आवेदन आए थे।

गुजरात के 43 फीसदी किसान कर्ज में डूबे!
अहमदाबाद. गुजरात के किसानों की औसतन आय सिर्फ 3573 रुपए है, जो हरियाणा और पंजाब के किसानों की औसतन आय से तीसरे भाग की है। गुजरात के करीब 43 फीसदी किसान कर्ज में डूबे हैं। आर्थिक बदहाली और फसल बर्बाद होने से पिछले 30 दिनों में 16 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार के किसानों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं और किसानों की आवक दोगुना करने के दावों की केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट ने पोल खोल दी है , जिसमें लघु एवं मध्यम किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय और खस्ताहाल बताई गई है। विशेषतौर पर गुजरात, जहां किसानों की औसतन आवक 3573 रुपए है। गुजरात में 58.72 लाख ग्रामीण परिवारों में से 66.9 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर हैं अर्थात् 39.31 लाख ग्रामीण परिवारों में से 16.74 लाख परिवार कर्ज में डूबे हैं। किसानों के हित में योजनाएं तो कई हैं, लेकिन योजनाओं का लाभ किसानों के बजाय भाजपा के बिचौलिए करोड़ों का घोटाला कर किसानों का हक और अधिकार छीन रहे हैं।

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