राष्ट्रहित में पूरे तालमेल से कार्यरत हैं न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिकाः किरण रिजिजू

NFSU, Gujarat, kiren rijiju, CM bhupendra patel, forensic science एनएफएसयू में स्कूल ऑफ लॉ, फॉरेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज की शुरुआत, प्रशिक्षित तकनीकी जानकार कानूनी विशेषज्ञ उपलब्ध कराएगी एनएफएसयू

By: nagendra singh rathore

Published: 26 Sep 2021, 10:21 PM IST

अहमदाबाद. केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि एनएफएसयू में स्कूल ऑफ लॉ, फॉरेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज के निर्माण से डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनेगा। जिसके चलते न्यायिक प्रक्रिया भी आसान और त्वरित बनेगी और अंतत: 'ईज ऑफ गेटिंग जस्टिस' यानी न्याय प्राप्त करने में आसानी की संकल्पना साकार होगी।
वे रविवार को गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) में स्कूल ऑफ लॉ, फॉरेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री ने कहा कि न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका पूरे तालमेल से राष्ट्र हित में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि न्यायतंत्र जो सलाह या निर्देश देता है, उसे हमें लागू करना होगा। यह भी जरूरी है कि उसे जल्द से जल्द लागू किया जाए, ऐसे में यह यूनिवर्सिटी मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने कहा कि इस स्कूल से देश को टेक्नो लीगल एक्सपर्ट के रूप में तकनीक से लैस विशेषज्ञों का मानवबल उपलब्ध होगा। गुजरात के कानून एवं न्याय मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि यूनिवर्सिटी विभिन्न पाठ्यक्रम के जरिए पूरे सिस्टम को अपग्रेड कर रही है।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एम.आर. शाह, गुजरात उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आर.एम. छाया, राज्य के कानून मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी तथा राज्य उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति, न्यायविद, विद्यार्थी और आमंत्रित उपस्थित थे। एनएफएसयू के कुलपति जे.एन. व्यास ने स्वागत भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत के निर्माण को साकार करने के लिए कदम उठा रही है। पांच प्रोग्राम के साथ शुरू हुई यूनिवर्सिटी में आज सत्तर प्रोग्राम हैं।

कानूनी ज्ञान युक्त मानवबल की जरूरत: जस्टिस शाह
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.आर. शाह ने कहा कि आज राष्ट्र को कानूनी ज्ञान और अभ्यास युक्त मानव बल की जरूरत है, जो यह स्कूल के जरिए पूरा होगा। अब, विधि क्षेत्र एक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र बन गया है। इस स्कूल के विद्यार्थियों को आने वाले कल का वकील और कानूनी सलाहकार बताते हुए एम.आर. शाह ने कहा कि राष्ट्र हित का दायित्व इन विद्यार्थियों के सिर पर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्र के आम नागरिकों की समस्याओं का संतोषजनक निवारण करने में इस यूनिवर्सिटी में चल रहे पाठ्यक्रम सहायक होंगे।

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