ट्रेन से 6 किलो सोना चुराने वालों को ऐसे पकड़ा पुलिस ने

ट्रेन से 6 किलो सोना चुराने वालों को ऐसे पकड़ा पुलिस ने

Pushpendra R.Singh Rajput | Publish: Sep, 04 2018 10:26:23 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

चोर गिरोह शिकंजे में

वडोदरा. राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की क्राइम ब्रांच टीम ने ट्रेन से दो माह पूर्व दो करोड़ रुपए के छह किलो के जेवर के मामला पर्दाफाश कर लिया है। जीआरपी ने महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से चोर गिरोह के सदस्यों को शिकंजे में लिया है। आरोपियों से पौने दो करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया।
मामला उससमय का है जब 12 जुलाई को दो सुनार रायपुर रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस से अहमदाबाद स्टेशन आ रहे थे। उनके पास बैग में 6 किलो 927 ग्राम सोने के जेवर थे, जिसे लोहे की जंजीर से सीट से बांध दिया था। महाराष्ट्र दोंडाइचा रेलवे स्टेशन के निकट वे सो गए। 13 जुलाई को जब वे आणंद रेलवे स्टेशन पहुंचे थे तभी लोहे की जंजीर काटकर किसी ने बैग पार कर दी थी। यह मामला रेलवे पुलिस में दायर किया गया था। इस मामले की तफ्तीश रेलवे लोकल क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। रेलवे पुलिस ने रायपुर में भी जाकर बाजार में सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी और लोगों से पूछताछ भी की। सीसीटीवी फुटेज में व्यापारियों की रैकी करने वाले भी पुलिस को नजर आए। पुलिस ने उन लोगों की शिनाख्त उनको महाराष्ट्र के अहमदनगर, उस्मानाबाद और सोलापुर के आसपास तलाश कर सुभाष यशवंत जादव को गिरफ्तार कर लिया, जो उस्मानपुरा के रांडेसांगवी का रहने वाला है। इस मामले का मास्टर माइंड पंडित अर्जुन पवार, बाबाश तथा उसका भाई संजय जादव बताया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक करोड़ 69 लाख 23 हजार रुपए के पांच किलो सोने के जेवर, कार व मोबाइल जब्त किया।
रेलयात्रियों की सुविधा के लिए वाट्स एप नंबर
भावनगर. रेलयात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने एक वाट्स ऐप नंबर 7349389104 जारी किया है। अभी तक ट्रेन के पीएनआर नंबर के स्थिति की जानकारी के लिए रेलवे की वेबसाइट आईआरसीटीसी पर जाना होता है अथवा रिजर्वेशन इंक्वाायरी नंबर 139 पर से जानकारी प्राप्त करनी होती है, जिसमें रेलयात्रियों को बहुत परेशानी होती है।
इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने ट्रैवल वेबसाइट "मेक माय ट्रीप" के साथ करार किया है। इस करार के अनुसार रेलयात्रियों को वाट्स ऐप नंबर 7349389104 पर सिर्फ अपना पीएनआर नंबर देना होगा। इसके बाद तत्काल ही इसकी स्थिति उन्हें वाट्स ऐप से मिल सकेगी। इसके अलावा भी कोई जानकारी चाहिए तो इस वाट्स ऐप से रेलयात्री को उनकी इच्छित जानकारी शीघ्र ही प्राप्त होगी। इस नंबर के उपयोग के लिए सबसे पहले इसे अपने मोबाइल में सेव करना होगा, तब यह नंबर वाट्स ऐप में दिखाई देगा।

 

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