गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में आसानी से मिलेगा प्रवेश

राइट टू एज्युकेशन एक्ट के तहत 25 फीसदी एडमिशन गरीब वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य

By: Gyan Prakash Sharma

Updated: 19 Feb 2021, 06:20 PM IST

सिलवासा. राइट टू एज्युकेशन एक्ट के तहत संघ प्रदेश के निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को एडमिशन देना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग ने अवगत कराया है कि निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक नियमों का लाभ लेना चाहिए। कार्यालय में निर्धारित आवेदन जमा कराके इसका फायदा उठा सकते हैं। मराठी माध्यम के बच्चों के आवेदन खानवेल स्कूल में स्वीकार होंगे।


शिक्षा विभाग ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े अभिभावक अगले सत्र 2021-22 में नि:शुल्क प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश पानी अपनी मंशा अनुसार घर के नजदीक स्कूल का चयन कर फायदा उठा सकते हैं।
गौरतलब है कि लोगों की शिकायत रही है कि प्राइवेट स्कूलों में राइट टू एजूकेशन का उल्लंघन हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों में भारी-भरकम फीस लेकर बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इस बार शिक्षण विभाग ने बिन अनुदानित स्कूलों को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश देने को कहा है। विभागीय वेबसाइट पर पहले से आवेदन जारी कर दिए हैं। आवेदन 15 मार्च तक जमा कराना आवश्यक है। आवेदन में साथ आय व मूल निवास प्रमाण देना होगा।

Gyan Prakash Sharma
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